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IST2030- चर्चा में भाग लेने वाले श्रोताओं का बहुत बहुत धन्यवाद. अगली बार मुलाकात एक अन्य विषय के साथ....

IST 20:28 अंत में एक श्रोता का कहना था कि जैसे माता पिता कभी अपने बच्चों की अनदेखी करता है वैसे भारत सरकार ने कुछ लोगों की अनदेखी की है.

IST 20:27 माओवादी नेता गुड़सा उसेंडी के अनुसार बस्तर की जनता के पास बंदूक़ उठाने के सिवा कोई रास्ता नहीं है

IST 20:26 गवालियर से गौरव मानते हैं माओवादी नेता के ख़िलाफ़ सेना का इस्तेमाल होना चाहिए. जैसा का श्रीलंका में हुआ

IST 20:24 भावुतेष का कहना है कि माओवादियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनना चाहिए.

IST 20:24 कश्मीर से ज़हीर कहते हैं कि कहीं कोई गड़बड़ है तभी ऐसा हो रहा है.

IST 20:23 कोशांबी से राम सिंह कहते हैं कि माओवादी को अपनी बात रखने के लिए सरकार से बात रखनी चाहिए. बंदूक़ उठाने की ज़ूरुरत नहीं है.

IST 20:22 पंजाब से सुखविंदर खालसा कार्यक्रम में जुड़े हैं. उनका कहना है कि सिख के खिलाफ़ कार्रवाई हुई तो उसे पाकिस्तान का समर्थक कहा गया लेकिन माओवादी को भारत का कहा जा रहा है.

IST 20:22 मोहम्मद गुड्डू का कहना है कि नक्सल समस्या को उखाड़ फेंकना चाहिए.

IST 20:21 मध्य प्रदेश से अनूप का कहना है कि माओवादी का हर हाल में ख़ात्मा होना चाहिए और ख़ूफ़िया तंत्र ठीक होना चाहिए.

IST 20:20 अनिल का तर्क है कि इरादा और तरीक़ा दोनों सही होना ज़रूरी है. सरकार को भी स्थिति पर ध्यान रखना चाहिए.

IST 20:19 शिलू ठाकुर मानते हैं कि माओवादियों का तरीक़ा गलत है लेकिन इरादा सही है

IST 20:18 बनारस से एक श्रोता का कहना है कि हत्या किसी ओर से भी हो मसले का हल नहीं है

IST 20:16 एक माओवादी नेता गुड़सा उसेंडी का कहना है कि सरकार माओवादी लडा़ई के नाम पर आदीवासियों के साथ ज़ुल्म करती है और उन्हें किसी को मारने का शौक नहीं है.

IST 20:13 नई दिल्ली से राजीव कुमार का कहना है कि नक्सलवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए सभी को रोज़गार देना ज़रूरी है. उनका कहना है कि ये असंतोष का कारण. अगर पेट भरा होगा तो कोई अपनी जान नहीं गंवाएगा. सरकार को देश में बढ़ते असंतोष को समाप्त करने की ज़रूरत है.

IST 20:12 हालांकि आनंद दीपक की बात से असहमति जताते हुए कहा कि सैनिक को कमज़ोर नहीं समझा जाए.

IST 20:11 दीपक कहना है कि माओवादी हथियार से लैस हैं इसलिए मसले का हल बातचीत से निकाला जाना चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो ख़ून काफ़ी बहेगा.

IST 20:10 आनंद जी कहना है कि माओवादी की कुचला जाना चाहिए.

IST 20:08 झारखंड से कमल किशोर मानते हैं कि मसले का हल बातचीत से निकाला जाए और बंदूक से हल नहीं निकाला जाए.

IST 20:08 उत्तर प्रदेश से एक श्रोथा त्रिपाठी का कहना है कि सरकार और माओवादियों को लचीला रुख अपनाना चाहिए.

IST 20:07 अलवर से उपेंद्र कुमार सवाल उठाते हैं कि इस समस्या का हल शुरु में ही क्यों नहीं निकाला गया.

IST 20:06 रतलाम से एक श्रोता का विचार है कि अगर माओवादियों के खिलाफ़ सैनिका कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन जो कार्रवाई चल रही है उसे जारी रखना चाहिए.

IST 20:05 दिल्ली स्थिति जेएनू से दीपक का कहना है कि माओवादी का मसला पुराना है और समस्या 35 साल की है तो इस मसले का हल दो तीन साल में नहीं हो सकता है और लगता है कि गृह मंत्री को जल्दबाज़ी है

IST 20:03 जबलपुर से एक श्रोता का कहना है कि सैनिक कार्रवाई नहीं चाहिए क्योंकि भारत में प्रजातांत्रिक व्यवस्था है और ऐसी व्यवस्था में किसी मसले का हल बातचीत से होनी चाहिए.

IST 20:02 राजस्थान से तान सिंह का कहना है कि माओवादियों के खिलाफ़ सैनिका कार्रवाई होनी चाहिए.

IST 2000 - कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं राजेश जोशी.

IST1956 - आज का विषय है कि माओवादी हमलों के कारण केंद्र सरकार बचाव की मुद्रा में है या फिर बढ़ते हमले माओवादियों की बौखलाहट का संकेत हैं?

IST1955-- बीबीसी हिंदी के लाइवटेक्सट में आपका स्वागत है.

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