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नीतिश के नशीले मतदाता

ताड़-खजूर के पेड़ से रस चुलाकर बनाए जाने वाले नशीले पेय को बिहार में ताड़ी कहते हैं.

बाक़ी शराबों से सस्ती होने के कारण इसे गांवों के ग़रीब मज़दूर ज़्यादा पीते हैं.

बिहार में लालगंज विधानसभा क्षेत्र में नीतीश कुमार की चुनावी सभा चल रही थी.

सभा-स्थल से कुछ ही दूर मुख्य सड़क के किनारे झोपड़ी में ताड़ी की दुकान सजी थी. वहाँ बैठे कुछ लोग ताड़ी पी रहे थे.

मेरे मन में आया कि इन से कुछ बातें करूँ. मुझे अपने पास आता देख, पहले तो वो सकपका गए.

फिर सहज हुए तो उनमें से एक ने पूछा- '' क्या आप भी ? ''

इसबार मैं सकपका गया. ख़ैर, मेरी उन से बातचीत तो हुई, पर बेहद छोटी-सी.