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वामपंथ का विस्तार सिकुड़ रहा है?

एक ज़माने में पश्चिम बंगाल और केरल जैसे वामपंथी दबदबे वाले राज्यों से बाहर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाक़ों में भी कम्युनिस्ट पार्टियों का अच्छा जनाधार होता था.

लेकिन समय के साथ ये आधार सिकुड़ता चला गया और अब पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को सत्ता बचाने के लाले पड़ रहे हैं. इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव में वामपंथी पार्टियों का नामलेवा कोई इक्का दुक्का ही है.

वामपंथी पार्टियों की इस दशा का क्या कारण है?