प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

क्या भारत को पसंद है तानाशाह ?

दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र होने के बावजूद भारत आखिरकार क्यों दुनिया के तानाशाहों के साथ खड़ा नज़र आता है. चाहे वो बर्मा के सैन्य शासक हों या नेपाल के राजा या फिर पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अध्यक्ष परवेज़ मुशर्रफ़.... इन सभी से भारत ने गहरे रिश्ते बनाए रखे.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी भारत यात्रा के दौरान भारत को अपनी बर्मा नीति पर दोबारा विचार करने का सुझाव दिया था. दुनिया भर में प्रजातंत्र के परचम लहराने वाला देश भारत क्या तानाशाही के मामले मे दोहरे मापदंड अपना रहा है. 90 के दशक में भारत का बर्मा की प्रजातंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची की ओर एक नर्म रुख़ जरुर था लेकिन तब से लेकर आज तक भारत की विदेश नीति में काफी बदलाव आ चुके हैं और करीबन पिछले 15 वर्षों से नज़रबंद नेता आंग सान सू ची को उनकी लड़ाई में भारत की ओर से कोई मदद नहीं मिली है. आख़िर क्यों...