रूमी गेट को मरम्मत की दरकार

  •  रूमी दरवाज़ा
    पुराने लखनऊ के हुसैनाबाद इलाक़े में छोटे और बड़े इमामबाड़े के बीच में स्थित रूमी दरवाज़े को नवाब असफ़ुद्दौला ने लगभग सवा दो सौ साल पहले बनवाया था. तस्वीरें- रामदत्त त्रिपाठी, बीबीसी संवाददाता
  •  रूमी दरवाज़ा
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूमी दरवाज़े को मरम्मत की ज़रूरत है और इसमे देरी से इस बुलंद इमारत को ख़तरा हो सकता है.
  • ज़मीन से क़रीब 60 फ़ीट की ऊँचाई पर आई यह दरार मुख्य मेहराब के केंद्र में बने कमल के फूल को क्षतिग्रस्त करती हुई इमारत के ऊपर तक चली गई है.
  • भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दरार क़रीब पांच साल पहले शुरू हुई थी. लिखित रिपोर्ट 2006 में भेजी गई . तब से यह दरार बढ़ती ही जा रही है.
  • कहा जाता है कि रूमी दरवाज़ा प्राचीन तुर्की के एक प्राचीन दुर्ग की नक़ल पर बनवाया गया था. इसीलिए इसे तुर्की या 'टर्किश गेट' भी कहा जाता है.यह दरवाज़ा लखनऊ की शान है और पहचान भी.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.