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माओवादियों के गढ़ में-भाग एक

पिछले तीन दशक से भी ज़्यादा समय से दक्षिण बिहार और झारखंड के देहाती इलाक़े असंतोष में खदबदा रहे हैं. गया, औरंगाबाद, कैमूर, डाल्टनगंज आदि ज़िलों में पहले माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर और फिर माओवादी पार्टी हथियारबंद संघर्ष चला रही है.

ये आंदोलन कभी धीमा पड़ जाता है तो फिर रह रह कर भड़क उठता है. हमारे संवाददाता राजेश जोशी ने बिहार चुनावों के बाद माओवादी हथियारबंद छापामारों के साथ इन इलाक़ों की यात्रा की और पता लगाने की कोशिश की कि इन गाँवों के लोग क्यों क्रोधित हैं.