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लेनिन के शव को दफ़ना दिया जाना चाहिए?

बोल्शेविक क्रांति के प्रणेता और क्रांतिकारी नेता व्लादिमिर इलयिच लेनिन की मृत्यु 1924 में हुई और तभी से उनके शव को रसायनों का लेप लगाकर मॉस्को के क्रेमलिन में रखा गया है. हर साल लाखों लोग लेनिन को देखने क्रेमलिन पहुँचते हैं.

अब रूस के एक सांसद ने इंटरनेटर पर एक सर्वेक्षण करवाया है जिसमें लोगों से पूछा गया है कि क्या लेनिन के शव को क्रेमलिन से हटाकर दफ़ना दिया जाना चाहिए? इसके जवाब में सत्तर प्रतिशत लोगों ने कहा है कि हाँ वक़्त आ गया है कि लेनिन के शव को दफ़ना दिया जाए.

लेनिन रूस ही नहीं दुनिया भर के कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं. भारत में भी लेनिनवाद समर्थक लोगों की अच्छी ख़ासी संख्या है. तो क्या आपको ये स्वीकार्य है कि लेनिन, माओ त्से तुंग या वियतनाम के क्रांतिक्रारी नेता हो ची मिन्ह के संरक्षित शवों को दफ़ना दिया जाना चाहिए...

इस बार ये विषय था बीबीसी इंडिया बोल का...