'जाति की वजह से आत्महत्या'

 गुरुवार, 29 सितंबर, 2011 को 12:13 IST तक के समाचार

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वर्ष 2007 से भारत के बड़े कॉलेजों में पढ़ रहे पिछड़ी जाति के 18 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं. इनमें से दो मामले इसी साल के हैं.

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भारत के बड़े कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलना पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए एक बेहतर ज़िन्दगी शुरू करने का ज़रिया है, पर वहां पढ़ाई करना अक़्सर सुखद अनुभव नहीं होता.

वर्ष 2007 से भारत में पिछड़ी जाति के 18 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं. इनमें से दो मामले इसी साल के हैं.

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी बीबीसी को बताया कि ऐसे कई मामले उनके समक्ष आए हैं.

इन सभी छात्रों के परिवारों का आरोप है कि इनके बच्चों के आत्महत्या का कदम उठाने की वजह जाति के आधार पर भेदभाव ही था.

ऐसे ही एक परिवार से मुलाकात की बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य ने.

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