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फ़िल्मकार कुंदन शाह से बातचीत

पटना में ' जन संस्कृति मंच ' द्वारा आयोजित तीन दिनों ( 2 - 4 दिसंबर) के फ़िल्मोत्सव को ' प्रतिरोध का सिनेमा ' नाम दिया गया था.

वहाँ विभिन्न भाषाओँ में देश-विदेश की जिन 17 डोक्युमेंट्री और फ़ीचर फ़िल्मों का प्रदर्शन हुआ, उनमें प्रसिद्ध फ़िल्म निदेशक कुंदन शाह की बहुचर्चित हास्य फ़िल्म ' जाने भी दो यारो ' शामिल थी.

ख़ुद कुंदन शाह भी तीनों दिन वहाँ दर्शकों के बीच मौजूद रहे और भ्रष्टाचार के प्रतिरोध में हास्य-व्यंग्य प्रधान फ़िल्मों की भूमिका पर खुलकर बोलते रहे.

उसी दौरान बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर से लम्बी बातचीत में कुंदन शाह ने अपने अनुभव और फ़िल्म निर्माण के कुछ रोचक प्रसंग सुनाये.