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'रैन बसेरों में नहीं, सड़कों पर सोना पसंद हैं'

दिल्ली में हर साल की तरह इस साल भी ठंड के मौसम में लाखों बेघर लोग सड़कों पर रात काटने को मजबूर हैं और इस बीच दिल्ली सरकार ने कोर्ट में दलील दी है कि नए रैन बसेरे बनाए जाने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि वहां ज़्यादा लोग आश्रय लेने नहीं आते.

लेकिन सरकार की इस दलील को खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई और कहा कि वो समुचित सुविधाओं सहित रैन बसेरों का विस्तार करे.

आखिर कितनी सच्चाई है दिल्ली सरकार के दावों में? ये जानने के लिए बीबीसी संवाददाता शालू यादव ने रात भर दौरा किया रैन बसेरों का और सड़कों पर सो रहे लोगों से जानने की कोशिश की कि वे रैन बसेरे में रात काटना क्यों नहीं पसंद करते.