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आगे बढ़ते 'आधार' के कदम

पिछले दो सालों से हर भारतीय को एक विशिष्ठ पहचान देने के लिए भारत में विश्व का सबसे प्रगतिशील डाटाबेस तैयार किया जा रहा है.

इस साल के अंत तक 60 करोड़ भारतीयों के पास एक विशिष्ठ पहचान अंक होगा जिससे कि उनके पास कल्याणकारी योजनाओं का फ़ायदा पहुंचाना आसान हो जाएगा.

बीबीसी संवाददाता प्रतीक्षा घिल्डियाल की रिपोर्ट.