आम बजट पर आम लोगों की राय

 शनिवार, 17 मार्च, 2012 को 00:23 IST तक के समाचार

आम बजट पर आम लोगों की राय

  • आम बजट पर लोगो की राय

    अब हम लोगों को काफी परेशानी हो जायेगी. वैसे ही हम कम आमदनी वाले लोग हैं. बड़ी मुश्किल से गुज़ारा होता है. चीजों की कीमतें काफी वैसे ही बढ़ी हुई हैं अब उस पर टैक्स बढ़ा दिया गया है. शेविंग क्रीम और दूसरा सामन और महंगा हो जायेगा. ग्राहक से हम ज्यादा पैसे नहीं ले सकते हैं. कोई देगा भी नहीं. हमारी प्रतिस्पर्धा बड़े बड़े एसी सैलूनों से है. हम ज्यादा पैसे लेंगे तो हमारे पास कौन आएगा. पिछले कई सालों से हम महंगाई की मार झेल रहे हैं. सोचा था अब कुछ राहत मिलेगी. मगर हम निराश हुए हैं. इतनी कम आमदनी में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.

    बच्चूलाल

    (सैलून के मालिक)

  • आम बजट पर लोगो की राय

    बहुत उम्मीदें थी हम लोगों को और बहुत ही निराशा हुई है. आम आदमी तो मारा ही गया है क्योंकि आमदनी कम और खर्च ज्यादा है. वेट, एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स बढ़ने से चीजे और महँगी हो जायेंगी. हमें तो कोई राहत नहीं मिली है. राहत सिर्फ बिल्डरों और बड़े लोगों को मिली है. अब तो बाहर आने जाने के लिए भी हमें सोचना पड़ेगा. इतना ही नहीं पार्लर जाने के लिए भी अब सोचना पड़ेगा. हमें लगता था कि आम आदमी को ध्यान में रखकर बजट बनाया जाएगा. मगर अफ़सोस है कि बड़े लोगों के हितों को नज़र में रखकर बजट बनाया गया है. अब तो बहुत सोच समझ के घरेलु जरूरत के सामान खरीदने पढ़ेंगे. देखना पड़ेगा कि हमारे बजट में फिट होतीं हैं कि नहीं.

    अनीता लखमानी

    (गृहणी)

  • आम बजट पर लोगो की राय

    यह बजट तो निराशाजनक रहा हमारे लिए और पूरे निम्न वर्ग और मध्य वर्ग के लिए. अब महंगाई और बढ़ेगी. पहले से ही चीज़ों के दाम आसमान छू रहे थे अब सर्विस टैक्स, एक्स्सायिज़ ड्यूटी बढ़ने से सब कुछ महंगा हो जाएगा. फ्रिज तक महंगा कर दिया गया है. हमें बजट से बहुत उम्मीदें थी. लग रहा था कि महंगाई से कुछ तो राहत मिलेगी. मगर ऐसा होने की बजाए महंगाई की मार और झेलनी पढेगी. अब सर्विस टैक्स बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं था. उसे तो कम करना चाहिए था. मगर उसे भी बढ़ा दिया गया है. इस बजट से ग़रीबी और बढ़ेगी.

    सरभजीत सिंह चंडोक

    (व्यापारी)

  • आम बजट पर लोगो की राय

    बजट का बेहतरीन भाग यह है कि एलसीडी और बाकि इलैक्ट्रॉनिक चीजें काफी सस्ती होने की उम्मीद हैं. अब लोगों को इन्हें विदेशों से लाने की जरुरत नहीं होगी. आयकर सीमा में केवल 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी सामान्य है जबकि उम्मीदें काफी अधिक थी.

    आकांक्षा

    (निजी क्षेत्र की एक कंपनी में कर्मचारी)

  • आम बजट पर लोगो की राय

    आयकर की सीमा बढ़ाना एक अच्छा कदम है जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी. लेकिन सर्विस टैक्स को बढ़ाना गलत है. हमें हर चीज पर सेवा कर देना होता है जिससे सब लोगों पर फर्क पड़ेगा.

    फनिशा

    (निजी क्षेत्र की एक कंपनी में अधिकारी)

  • आम बजट पर लोगो की राय

    मैं 75 साल का हूँ और इतने लम्बे समय में मैंने यही देखा है कि ये बजट-वजट सब नेताओं का मिला-जुला खेल है. हर साल बजट आता है लेकिन ग़रीब जनता का कुछ भी भला किसी भी साल में हुआ हो तो बताइए ? सारे राजनीतिक दल एक जैसे ही लगते हैं और इनके सब नेता हम जैसे ग़रीबों को आजतक गुमराह करते आये हैं. मैं इस उम्र में दो जून की रोटी जुटाने के लिए फुटपाथ पर गुटखा और बीड़ी-सिगरेट बेचने को क्यों मजबूर हूँ, किसी सरकारी बाबू ने ये जानना चाहा कभी ?

    कामता प्रसाद यादव

    (फुटपाथ दुकानदार,पटना)

  • आम बजट पर लोगो की राय

    हमलोग तो पहले ही नाउम्मीद हो चुके थे कि इस बार भी बजट से कोई राहत नहीं मिलने वाली. सच पूछिए तो एक वाक्य में मैं यही बोलना चाहूंगी कि आज के ज़माने में जो ईमानदार है, उसे महंगाई की ऐसी मार में घुट-घुट कर जीने से बेहतर है ज़हर खाकर मर जाना. ऊपर से नींचे तक भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर टैक्स का बोझ क्या असर डालेगा ? इसका जानलेवा असर तो हम जैसे निम्न मध्य वर्ग या ग़रीब तबक़े के लोगों पर पड़ता है. ये अजट-बजट सब ढोंग और ढकोसला जैसा है क्योंकि पूंजीपतियों को फ़ायदा पहुँचाना और ग़रीबों को ठुकराना ही सरकार का असली मक्सद लगता है.

    सुप्रभा सिंह

    (रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी,पटना )

  • आम बजट पर लोगो की राय

    आयकर में मिली छूट से मै खुश हूँ, लेकिन सर्विस टैक्स में 2 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है इससे मै नाखुश भी हूँ. इससे हम पर बोझ बढेगा. सरकार ने एक हाथ से कुछ देकर दूसरे हाथ से काफी कुछ छीन भी लिया है. कंप्यूटर पार्ट्स की दरों में कमी की उम्मीद है. यह भी उम्मीद करती हूँ की सरकार जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कमी लाने की कोशिश करेगी. वही सवाल सब से अहम है.

    सुनीता संघी

    (व्यापारी, हैदराबाद)

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