प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

एलपी रिकॉर्ड्स की धरोहर बचाने की कोशिश

आज से करीब 20-25 साल पहले जब पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी संगीत उद्योग में रिकॉर्ड प्लेयर और कैसेटों की बाढ़ आ गई थी तो सुननेवालों ने एलपी रिकॉर्ड्स और ग्रामोफोन का समाधि लेख लिख दिया था और ये मान लिया गया था कि एलपी रिकॉर्ड्स का दौर खत्म हो गया है.

लेकिन अब लगता है कि इन रिकॉर्ड्स का दौर एक बार फिर लौट रहा है पर एक अलग अंदाज़ में. देश में गीत और संगीत के स्रोताओं का एक ग्रुप पुराने रिकॉर्डों को संरक्षित करने और उन्हें एक नया जीवन देने की कोशिश कर रहा है.

सोसायटी ऑफ इंडियन रिकॉर्ड कलेक्टर्स का कहना है कि पुराने रिकॉर्डों को संभाल कर रखने की जरूरत है क्योंकि ये हमारे इतिहास के सुनहरे पन्नों का एक हिस्सा और सांस्कृति धरोहर है. सुनिए हैदराबाद से उमर फारुख की रिपोर्ट