प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

ब्रेन कंट्रोल्ड रोबोट

अमरीका में दो ऐसे मरीज़ जिनका गर्दन के नीचे का पूरा हिस्सा लकवा ग्रस्त है वो दिमाग के ज़रिये रोबोट को चलाने में सफल रहे हैं.

कैथी हैचिंसन ने 15 साल बाद बिना किसी की मदद के कॉफ़ी पी.

इस नई तकनीक के बारे में विज्ञान पत्रिका नेचर में लिखा है कि यह मष्तिष्क के अंदर उपजे विचारों को तरंगों में बदल कर कंप्यूटर के ज़रिये रोबोट चलाती है.