पहचान का आधार

 शुक्रवार, 1 जून, 2012 को 15:54 IST तक के समाचार
  • भारत में हर नागरिक को विशिष्ठ पहचान संख्या यानी आधार कार्ड मुहैया कराने की परियोजना जारी है जिसमें लोग भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं.
  • यूआईडी परियोजना
    यूआईडी डाटाबेस में व्यक्ति की फोटो के अलावा ऊंगलियों के निशान और आंखों का स्कैन भी किया जाता है.
  • दुनिया भर में बायोमेट्रिक डाटाबेस आम तौर पर सुरक्षा कारणों से बनाए जाते हैं लेकिन यूआईडी डाटाबेस का उद्देश्य लोगों की जिंदगी को आसान बनाना है.
  • यूआईडी परियोजना
    यूआईडी डाटाबेस में व्यक्ति की आंखों को भी स्कैन कर उनका नमूना संरक्षित किया जाता है.
  • यूआईडी परियोजना
    आम तौर पर भारत में एक जगह बनवाए गए राशन कार्ड या इस तरह के दूसरे पहचान पत्र दूसरी जगह काम नहीं आते, लेकिन आधार कार्ड ऐसी पहचान देगा जो पूरे देश में मान्य होगी.
  • यूनिसेफ के मुताबिक भारत में जन्म लेने वाले 58 प्रतिशत बच्चों के जन्म का ही पंजीकरण होता है. उनमें से भी सबके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं होता. लेकिन अब यूआईडी में सबके बारे में ब्योरा दर्ज होगा.
  • यूआईडी कार्ड
    जानकार कहते हैं कि फोटो, आंखों के स्कैन और ऊंगलियों के निशान के जरिए व्यक्ति की पहचान को 99.5 प्रतिशत सटीकता से स्थापित किया जा सकता है.
  • यूआईडी परियोजना
    पहचान पत्र की कमी के चलते बैंक में खाता खुलवाने या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रहने जैसी समस्याएं आधार कार्ड के जरिए दूर की जा सकती हैं.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.