तस्वीरें: कोयले का खनन और अवैध कारोबार

 सोमवार, 10 सितंबर, 2012 को 07:05 IST तक के समाचार
  • अवैध खनन, कोयला
    झारखण्ड के एक बड़े इलाके में कोयले के प्रचुर भण्डार हैं. कई खदानें बंद हो चुकी हैं मगर उनमे से अवैध रूप से कोयले का खनन जारी है. (तस्वीरें: बीबीसी संवाददाता सलमान रावी)
  • अवैध खनन, कोयला
    यह काम भी आसान नहीं है. कोयला निकलने के बाद उसे बोरों में भरा जाता है. और फिर उन्हें दूसरी जगहों पर ले जाया जाता है.
  • अवैध खनन, कोयला
    बच्चे, बूढ़े, नौजवान और औरतें, सब कोयले की अवैध खदानों में मजदूरी करते हैं. कुछ का काम है कोयला काटना, तो कुछ उसे ढो कर त़क में ले जाते हैं. यह सिलसिला रात दिन चलता है.
  • अवैध खनन, कोयला
    यह अवैध खदानें अपने आप में बहुत खतरनाक हैं. इनमे सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं. जो जैसे चाहते हैं, वैसे कोयला निकलते हैं.
  • अवैध खनन, कोयला
    अपने सर पर टॉर्च बांधकर यह महिला अवैध खाधान की काली सुरंग में कोयला काटने का काम करती है. इस दौरान हादसे भी होते हैं. जब कभी इन खदानों में लोग दब जाते हैं तो इन्हें निकालने का काम नहीं, बल्कि खदान के मुहानों पर मलबा डाल दिया जाता है ताकि अवैध खनन के सबूत मिट जाएं.
  • अवैध खनन, कोयला
    साइकिलों पर मनों कोयला लाद कर ग्रामीण चालीस से पचास किलोमीटर का सफ़र तय करते हैं.
  • अवैध खनन, कोयला
    कोयला काटने वाले बताते हैं कि वो सिर्फ मजदूरी कर रहे हैं जबकि मुनाफा संगठित गिरोह, पुलिस, कोयला अधिकारी और रंगदारों की जेब में जाता है.
  • अवैध खनन, कोयला
    एक साइकल पर लदा बोझ सिर्फ दो सौ रुपए तक ही दिलवाता है इन मजदूरों को जबकि काले बाज़ार में यह कोयला करोड़ों दिलवाता है माफिया को.
  • अवैध खनन, कोयला
    पहले खदानों से कोयला काटकर सतह पर जमा किया जाता है और फिर इसे लाद कर आस पास के हार्ड कोक भट्टो में ले जाया जाता है.
  • अवैध खनन, कोयला
    लंबे सफ़र की तैयारी कर रहे लोग अपनी साइकिलों पर कोयला लादकर सैकड़ों किलोमीटर चलते हैं. बीच में इन्हें पुलिसवालों, सीआईएसएफ के जवानों और रंगदारों को पैसे देने पड़ते हैं. जो पैसे नहीं देता उसकी साइकिल के टायर को काट दिया जाता है.

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