प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

मैं अमीन सायानी...फिर मुख़ातिब हूँ आपसे

अगर आप पचास, साठ और सत्तर के दशक में रेडियो सुनते रहे हों तो अमीन सायानी का परिचय देने की ज़रूरत नहीं है. बिनाका गीतमाला के ज़रिए हिंदुस्तान ही नहीं दुनिया भर के हिंदी भाषी और ग़ैर हिंदी भाषियों के दिलों पर राज़ करने वाले इस नायाब रेडियो प्रसारक से बीबीसी हिंदी के राजेश जोशी ने विश्व रेडियो दिवस पर कुछ दिन पहले चर्चा की थी. लीजिए प्रस्तुत है पूरी बातचीत.