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ज़िया की मासूमियत की लड़ाई: परवीन

उत्तरप्रदेश के कुंडा में पुलिस अधिकारी जिया उल हक़ की हत्या के बाद से ही देवरिया के जुआरी गाँव में उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहता है. दूर दराज़ से लोग-बाग़,रिश्तेदार और नातेदार उनकी पत्नी परवीन आज़ाद से मिलने आते हैं कुछ देर बैठते हैं और चले जाते हैं. इनमे राजनेता भी शामिल हैं.

बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव को सिवान की रहने वाली परवीन से मिलने पर इस बात का अहसास हुआ कि वह मज़बूत इरादों वाली महिला हैं अपनी बात रखने में कतई नहीं हिचकिचाती. नितिन ने उनसे बात की और पहला सवाल यही रखा कि कितने मज़बूत इरादे है उनके आगे आने वाले समय के लिए.