20 पेशे और देश जहाँ मिल सकती है नौकरी

 मंगलवार, 2 अप्रैल, 2013 को 19:12 IST तक के समाचार

दुनिया-भर में कुछ ऐसे पेशे हैं जिनमें लोगों की माँग लगातार बनी हुई है. बीबीसी की इंटरएक्टिव गाइड के जरिए जानें कि ये पेशे कौन से हैं और किन देशों में है इनकी माँग. जैसे ही आप किसी पेशे को चुनेंगे, वो देश दिखने लगेंगे जिनमें उन पेशेवरों की मांग है. इस गाइड को आप दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं.

20 पेशे जिनमें प्रवासियों की जरूरत है

दुनिया-भर में कुछ पेशे ऐसे हैं जिनमें लोगों की माँग खासी है. यदि आप जानना चाहते हैं कि किन देशों में किन पेशों में प्रवासियों की मांग सबसे अधिक है, तो हमारी इंटरएक्टिव गाइड का इस्तेमाल करें. एक पेशा चुनें और जानें उसकी किस देश में मांग हैं. इस गाइड को आप दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं.

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पेशे

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नर्सिंग

बीते दस सालों में कई देशों में नर्सों की मांग बढ़ी है.

ऑस्ट्रेलिया में नर्सों की मांग बहुत ज़्यादा है, ख़ासकर मानसिक स्वास्थ्य और सर्जरी में काम करने वाली नर्सों के लिए. शुरुआती वेतन सालाना 57,876 अमरीकी डॉलर है.

ऑस्ट्रिया के पास अधिकारिक सूची है जिसके मुताबिक 2013 में यहां 14 प्रकार की नर्सों की जरूरत है. इसमें सर्जिकल, मनोचिकित्सा और बाल चिकित्सा जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

बेल्जियम में बुजुर्ग लोगों के इलाज, तुरंत राहत देने वाली चिकित्सा और आपातकालीन स्थितियों में काम करने वाली नर्सों की मांग सबसे ज़्यादा है.

जर्मनी के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बुजुर्ग लोगों के इलाज में मदद करने वाले प्रशिक्षित प्रत्येक एक नर्स के लिए यहां तीन पद खाली हैं.

ब्रिटेन में नवजात शिशुओं की देखरेख और ऑपरेशन थियेटर में काम करने वाली नर्सों की जरूरत है.

फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया अमरीका के ऐसे दो राज्य हैं जहां सबसे ज़्यादा नर्सों की जरूरत है. यहां नर्सों का औसतन सालाना वेतन 69,110 अमरीकी डॉलर है.

दुनिया के कम से कम 20 देशों में नर्सों की मांग है. आप अपने पेशे के बारे में जानिए.

मैकेनिकल इंजीनियर

मैकेनिकल इंजीनियरों की मांग 18 देशों में है, ख़ासतौर से कार निर्माण और एयरोस्पेस उद्योग में.

ऑस्ट्रिया की सूची के मुताबिक 23 तरह के मैकेनिकल इंजीनियर और तकनीशियनों की जरूरत है. इनमें से कुछ की जरूरत कार इंडस्ट्री से संबंधित हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग कामों के लिए है.

जर्मनी को ख़ास तौर पर अपनी कार इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरों की जरूरत है.

सिंगापुर को मैकेनिकल इंजीनियरों के स्नातकों की जरूरत है, ख़ासकर परिचालन और धातुओं की शुद्धता के सेक्टर में. इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन सालाना 31,200 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल सकता है.

हालांकि स्पेन में बेरोजगारी की दर बहुत ज़्यादा है, इसके बावजूद इसके यहां मैकेनिकल इंजीनियरों की मांग बाकी के मुकाबले बेहतर है.

ब्रिटेन में एयरोस्पेस सेक्टर में मैकेनिकल इंजीनियरों की मांग है. औसतन एकदम नए स्नातकों को सालाना 36,850 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल सकता है.

दुनिया भर में सबसे ज्यादा मांग वाले पेशेवरों में मैकनिकल इंजीनियर भी शामिल हैं. आपका अपने बारे में क्या ख्याल है?

चिकित्सक

दुनिया के 18 देश फीजिशियन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने के इच्छुक हैं.

ऑस्ट्रेलिया में एनेस्थेटिस्ट, गैस्ट्रोनेट्रोलोजिस्ट और न्यूरो सर्जन उन 30 उच्च दक्षता वाले पेशों की सूची में शामिल हैं जिनकी ऑस्ट्रेलिया में जरूरत है.

जर्मनी में पांच हजार चिकित्सकों की जरूरत है. इस पेशे को देश में सबसे अच्छी तनख्वाह यानि औसतन सालाना तनख्वाह 63,741 अमरीकी डॉलर है.

न्यूज़ीलैंड में जेनरल प्रैक्टिशनर के अलावा कम से कम दस तरह के विशेष चिकित्सकों की जरूरत हैं, जिनमें सर्जन और एनेस्थेसिट्स भी शामिल हैं.

ब्रिटेन में सात तरह के विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है जिनमें बाल रोग विशेषज्ञ और प्रसूति रोग विशेषज्ञ शामिल हैं. इसके अलावा कंसल्टेंट के तौर पर रक्तविज्ञान और फॉरेंसिक मनोरोग विशेषज्ञों की भी जरूरत है.

एक चिकित्सक के पास दुनिया के कम से कम 18 देशों में काम तलाशने का मौका है. अब दूसरे पेशे के बारे में देखते हैं.

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर पेशेवर

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और तकनीशियनों की मांग ख़ासकर ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र में है.

ऑस्ट्रिया में ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र में इंजीनियर और तकनीशियनों की जरूरत है. इनके अलावा कार उद्योग जगत में भी इंजीनियर और तकनीशियन चाहिए.

हंगरी में लंबे समय से मानव संसाधनों की कमी के बीच जिन 10 पेशों के लोगों की सबसे ज़्यादा मांग उनमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सबसे ऊपर है.

सिंगापुर के रसायन और बायोमेडिकल उद्योग यूनिटों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की काफी मांग है. इसके अलावा एयरोस्पेस, मरीन और समुद्री सेक्टर में भी इंजीनियरों की काफी मांग है.

ब्रिटेन में तेल एवं गैस क्षेत्र के अलावा ऊर्जा वितरण के क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की जरूरत है. कॉलेज से निकले स्नातकों को औसतन सालाना 36,850 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल जाता है.

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की दुनिया में खासी मांग है. आपका क्या विचार है.

आईटी डेवलपर्स और प्रोग्रामर

ये पेशेवर शोध करके सॉफ़्टवेयर एप्लीकेशन और वेबसाइट्स के लिए प्रोग्राम कोड विकसित करते हैं, उसे लिखते हैं और ज़रूरी निर्देश तैयार करते हैं.

ऑस्ट्रिया में वेब, सॉफ्टवेयर और मल्टीमीडिया प्रोग्रामिंग और विकास से जुड़े कम से कम 15 पेशेवरों की कमी है.

न्यूज़ीलैंड की आधिकारिक सूची के मुताबिक यहां कम से नौ अलग अलग तरह के वेब डेवलपर्स और डिजाइनरों की जरूरत है.

सिंगापुर में कई तरह के डेवलपर्स की जरूरत है. ख़ासकर कंप्यूटर गेमिंग विकसित करने के लिए.

सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और शैडर राइटर्स(ग्रैफिक प्रोग्रामिंग)के लिए ग्रेट ब्रिटेन में जरूरत है. इस काम के बदले औसतन सालाना 31 हजार अमरीकी डॉलर वेतन मिल सकता है.

आईटी डेवलपर्स और प्रोग्रामर्स के पास दुनिया के कम से कम 18 देशों में काम तलाशने का मौका है. दूसरे पेशे के बारे जानिए.

आईटी इंजीनियर और एनालिस्ट

सिस्टम इंजीनियर और सिस्टम एनालिस्ट की मांग विशेषरूप से ऐसे देशों में होती है जहाँ आईटी पेशेवरों की ज़रूरत होती है. टेलिकम्युनिकेशन इंजीनियर भी सामान्य रुप से इसी में शुमार किए जाते हैं.

ऑस्ट्रिया में कम से कम नौ तरह के आईटी इंजीनियरों और एनलिस्टों की जरूरत है.

सरकारी सर्वे के मुताबिक लक्जमबर्ग में आईटी पेशेवरों के लिए नौकरियों की संख्या 2010 से 2012 के बीच दोगुनी हो चुकी है.

न्यूज़ीलैंड में आधिकारिक तौर पर आईटी से संबंधित 12 तरह के पेशेवरों की कमी बताई जा रही है. पांच साल के कार्यानुभव वाले सिस्टम एनलिस्ट को औसतन सालाना 61,699 अमरीकी डॉलर वेतन मिल सकता है.

ब्रिटेन में सिस्टम इंजीनियर की औसतन सालाना वेतन 41,800 अमरीकी डॉलर तक मिल सकता है.

दुनिया भर में कम से कम 18 देशों में आईटी इंजीनियर्स की जरूरत है. आपका अपने बारे में क्या ख्याल है?

सिविल इंजीनियरिंग पेशेवर

सिविल इंजीनियरों में भू-तकनीकी विशेषज्ञों की मांग विशेष रूप से ज़्यादा है. इन पेशेवरों की 17 में से कम से कम आठ देशों में काफ़ी मांग है.

आने वाले दिनों में होने वाले खेल आयोजनों को देखते हुए देश में निर्माण क्षेत्र में काफी काम है. अप्रवासी सिविल इंजीनियर और भू-तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों देश में आकर काम कर रहे हैं.

ज्रर्मनी में सिविल इंजीनियरों को शुरुआती तौर पर 46 हजार अमरीकी डॉलर से 58 हजार अमरीकी डॉलर के बीच का सालाना वेतन मिल सकता है.

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक देश के अंदर निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले 60 लाख पेशेवरों ख़ासकर तकनीशियनों की जरूरत हर साल है.

ब्रिटेन में सिविल इंजीनियरों का वेतन स्नातक के बाद पहले साल में करीब 33,345 अमरीकी डॉलर सालाना होता है जो प्रबंधक स्तर पर पहुंचने पर सालाना 1.12 लाख डॉलर हो सकता है.

कम से कम 17 देशों में सिविल इंजीनियर्स और तकनीशियन की मांग है. दूसरे पेशों के बारे में जानिए.

आईटी डाटाबेस और नेटवर्क प्रोफेशनल्स

ये पेशेवर डाटाबेस को डिजाइन और उसे विकसित का काम करत हैं. इसके अलावा डाटाबेस, नेटवर्क और ऑपरेटिंग सिस्टम को तकनीकी सपोर्ट भी मुहैय्या कराते हैं.

ऑस्ट्रिया में इलेक्ट्रानिक डाटा प्रोसेसिंग करने वाले पेशेवरों की सबसे ज़्यादा जरूरत है.

न्यूज़ीलैंड में डाटाबेस काम संभालने वाले पेशेवरों को शुरुआती तौर पर सालाना 37 हजार अमरीकी डॉलर से 49 हजार अमरीकी डॉलर का वेतन मिलता है.

मॉस्को के नजदीक स्थित उच्च तकनीकी बिजनेस इलाके स्कोलकोवो इनोवेशन सेंटर में आईटी पेशेवरों की काफी मांग है. यहां की कंपनियों में काम पाए लोगों को आव्रजन के लिए कुछ कम शर्तों को पूरा करना पड़ता है

दुनिया में आईटी डाटाबेस और नेटवर्क के पेशेवरों की खासी जरूरतहै. क्या इस क्षेत्र में आपकी दिलचस्पी है.

एकाउंटेंट

जिन देशों में एकाउंटेंटों की जरूरत सबसे ज़्यादा है उनमें आयरलैंड और ग्रीस शामिल हैं. ये देश हाल की आर्थिक मंदी से सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे हैं.

ग्रीस में फ़ाइनेशियल सेक्टर में काम करने के लिए उच्च प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत है.

गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे आयरलैंड में बिजनेस एनलिस्ट, रिस्क स्पेशलिस्ट और टैक्स एक्सपर्ट की जरूरत है.

सिंगापुर में तीन से पांच साल के कार्यानुभव वाले एकाउंटेंट को सालाना 48,757 अमरीकी डॉलर से लेकर 61,000 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल सकता है.

उच्च शिक्षा प्राप्त एकाउंटेंटों की दुनिया में बहुत मांग है. आपका क्या विचार है?

डेंटिस्ट

फ़िनलैंड सहित सभी स्केंडिनेवियन देशों में उच्च शिक्षा प्राप्त और अनुभवी डेंटिस्टों की जरूरत है.

भारत के योजना आयोग की 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे डेंटिस्ट और जरूरी डेंटिस्टों के बीच करीब 58 फ़ीसदी का अंतर है.

स्वीडन में एक डेंटिस्ट की औसतन सालाना तनख्वाह 78,826 अमरीकी डॉलर है.

दुनिया में जिन पेशेवरों की सबसे ज़्यादा मांग हैं, उनमें डेंटिस्ट भी शामिल हैं. आपका अपने बारे में क्या ख्याल है?

फ़ार्मासिस्ट

उच्च शिक्षा प्राप्त फ़ार्मासिस्टों की मांग अस्पतालों और दवाइयों के अनुसंधान, नुस्खे और परीक्षण उद्योग में है.

न्यूज़ीलैंड में पांच साल के कार्यानुभव वाले फार्मासिस्ट को सालाना 57,579 अमरीकी डॉलर से 65,810 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल सकता है.

दुनिया भर में जिन 20 क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की सबसे ज़्यादा मांग हैं, उनमें फर्मासिस्ट शामिल हैं.

ओद्यौगिक एवं उत्पादन इंजीनियर

ओद्यौगिक एवं उत्पादन इंजीनियर ओद्यौगिक संयंत्रों में परिचालन और रख रखाव संबंधित अनुसंधान, डिजाइन के साथ-साथ उसकी निगरानी करते हैं.

सिंगापुर के एयरोस्पेस, मरीन और समुद्री सेक्टर में प्रॉडक्शन और प्रोसेस करने वाले इंजीनियरों की काफी मांग है.

ग्रेट ब्रिटेन में एयरोस्पेस सेक्टर में काम करने वाले प्रॉडक्शन और प्रोसेस इंजीनियरों की जरूरत है.

ओद्यौगिक एवं उत्पादन इंजीनियर के सामने दुनिया के कम से कम नौ देशों में नौकरी तलाशने का मौक़ा है. आपका क्या ख़्याल है?

इलेक्ट्रानिक इंजीनियर

इलेक्ट्रानिक उत्पादों की डिजाइन तैयार करने, उसे विकसित करने और उसको संचालित करने के लिए इलेक्ट्रानिक इंजीनियरों की जरूरत दुनिया भर के आठ देशों में है.

न्यूज़ीलैंड में इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरों को औसतन 24,696 अमरीकी डॉलर सालाना का वेतन मिलता है. एक साल के कार्यानुभव के बाद वेतन 82,327 अमरीकी डॉलर तक पहुंच सकता है.

इलेक्ट्रानिक इंजीनियरों की दुनिया में बहुत मांग है. आपका क्या मानना है.

केमिकल इंजीनियर

केमिकल इंजीनियरों की जरुरत उत्पादों को विकसित करने, जल शोधन करने, तेल और गैस क्षेत्रों में है.

न्यूज़ीलैंड में एक केमिकल इंजीनियर का वेतन औसतन 41 हजार अमरीकी डॉलर से 81 हजार अमरीकी डॉलर सालाना हो सकता है.

सिंगापुर में केमिकल इंजीनियरों की तनख्वाह करीब 28 हजार अमरीकी डॉलर सालाना से शुरू होती है.

केमिकल इंजीनियरों की दुनिया में खासी मांग है. आपका क्य विचार है?

माइनिंग और पेट्रोलियम इंजीनियर

दुनिया के विकासशील देशों मसलन ब्राजील जैसे देश में धातु, खनिज, तेल और गैस को निकालने के लिए विशेषज्ञ इंजीनियरों की जरूरत है.

ब्राज़ील में नए तेल क्षेत्र मिलने के बाद माइनिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरों की मांग बढ़ी है.

ब्रिटेन ने अपने यहां मानव संसाधन की कमी वाली सूची में माइनिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से जुड़े 10 पेशों को शामिल किया है.

माइनिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरों की दुनिया में बहुत मांग है. आप क्या सोचने हैं?

फ़िज़ियोथेरेपिस्ट

स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिन पेशेवरों की मांग सबसे ज़्यादा है उनमें फ़िज़ियोथेरेपिस्ट भी शामिल हैं.

ऑस्ट्रेलिया में क्लिनिकल अनुभव वाले फिज़ियोथेरेपिस्ट को सालाना 59,900 अमरीकी डॉलर से लेकर 83,600 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल सकता है.

संयुक्त राज्य अमरीका के श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2020 तक वहां फिजियोथेरेपिस्ट की रिक्तियों में दूसरे पेशों के मुकाबले 39 फ़ीसदी तक बढ़ोत्तरी होगी.

फिजियोथिरेपिस्ट की दुनिया में बहुत मांग है. आप क्या सोचते हैं.

मनोचिकित्सक

जिन देशों में मनोचिकित्सा से जुड़े पेशेवरों की मांग है, वहां काम करने के लिए किसी भी विदेशी के लिए न्यूतम अर्हता मास्टर की डिग्री है.

न्यूज़ीलैंड में क्लीनिकल और एजुकेशनल मनोचिकित्सकों की भारी मांग है. तीन से दस साल के अनुभव वाले पेशेवरों को सालाना 50,400 डॉलर से 80,200 डॉलर तक का वेतन मिल सकता है.

स्वीडन में एक मनोचिकित्सक को औसतन सालाना 60,500 अमरीकी डॉलर का वेतन मिल सकता है.

मनोचिकत्सा का पेशा दुनिया भर में सबसे ज़्यादा मांग वाले 20 पेशों में शामिल है. दूसरे पेशों के बारे में जानिए

रेडियोग्राफर

चिकित्सकीय लेबोरेटरी और रोगों की पहचान के क्षेत्र में रेडियोग्राफर जैसे तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ रही है.

ब्रिटेन में एक रेडियोग्राफर का वेतन 33,220 अमरीकी डॉलर से लेकर 71 हजार अमरीकी डॉलर सलाना होता है.

दुनिया भर में जिन पेशेवरों की मांग है उनमें रेडियोग्राफर शामिल हैं. आपका क्या कहना है?

ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थेरेपिस्ट

ऑडियोलॉजिस्ट उन शारीरिक विकारों को ठीक करते हैं जिससे आपकी सुनने, बोलने और संवाद करने की क्षमता प्रभावित होती है.

न्यूज़ीलैंड में एक ऑडियोलॉजिस्ट का वेतन 37,200 अमरीकी डॉलर से लेकर 91,000 अमरीकी डॉलर सालाना होता है. स्पीच थेरेपिस्ट सालाना 62 हजार अमरीकी डॉलर कमा सकते हैं.

दुनिया के कम से कम पांच देशों में ऑडियोलोजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट की जरूरत है. आपका अपने बारे में क्या ख्याल है?

शेफ़

दुनिया के कम से कम पांच देशों में कम से कम पांच साल के अनुभव वाले कुशल शेफ़ की जरूरत है.

न्यूज़ीलैंड में एक शेफ औसतन हर घंटे 1, 320 अमरीकी डॉलर से 2,233 अमरीकी डॉलर तक का वेतन पा सकता है.

ब्रिटेन में केवल सीनियर शेफ, एक्जीक्यूटिव शेफ, हेड शेफ और विशेषज्ञ शेफ की जरूरत है. इन पेशेवरों को सिर्फ उन्हीं रेस्टोरेंट में काम मिल सकता है जो ना फास्ट फूड के रेस्टोरेंट होते और ना ही फ्रेंचाइज़ी वाले रेस्टोरेंट.

शेफ़ का काम उन 20 पेशों में शामिल है जिनकी मांग दुनिया भर में सबसे ज़्यादा है. दूसरे पेशों के बारे में जानिए.

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां पहले पहल कुशल दक्षता वाले अप्रवासियों को आकर्षित करने के लिए अंक आधारित व्यवस्था और कार्यक्रम लागू हुए हैं. हाल ही में, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने विदेशी पेशेवरों के लिए कहीं ज्यादा बेहतर नीति अपनाई है ताकि इससे देश के अंदर अलग-अलग इलाके, ख़ासकर बड़े शहरों से दूर के इलाकों में पेशेवरों की कमी को पूरा किया जा सके. इसी वजह से आस्ट्रेलिया ने वीज़ा कैटेगरियों की संख्या को आधा कर दिया है.इसके अलावा अंक आधारित व्यवस्था को संशोधित किया गया है ताकि उन पेशेवरों को मौका मिल सके जो कहीं ज़्यादा कुशल और अनुभवी हों, जिनकी अंग्रेजी अच्छी हो और उनके पास कहीं ज़्यादा योग्यता हो.

44,983 अमरीकी डॉलर

ऑस्ट्रिया

2004 में यूरोपियन यूनियन के सदस्य देशों के बीच बेरोक-टोक वाली आवाजाही शुरू होने के बाद ऑस्ट्रिया में प्रवासी लोगों की संख्या बढ़ी है. ओईसीडी के मुताबिक स्थानीय लोगों से मुकाबले अप्रवासी लोगों के लिए कहीं ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं. 2012 के बाद ऑस्ट्रिया ने बेहद दक्ष पेशेवरों के लिए अंक आधारित व्यवस्था लागू की है. इन लोगों को दो तरह के वीजा कॉर्ड दिए जाते हैं. एक कॉर्ड आर डब्ल्यू आर( रेड-व्हाइट-रेड) कॉर्ड कहलाता है. इस कॉर्ड के जरिए आपको देश में रहने का अधिकार और किसी ख़ास नियोक्ता के साथ काम करने का अधिकार मिलता है. जबकि दूसरा कॉर्ड होता आर डब्ल्यू आर प्लस. इस कॉर्ड के जरिए आपको देश में रहने और कहीं भी काम करने की आज़ादी होती है.

43, 555 अमरीकी डॉलर

बेल्जियम

बेलज्यिम ने बाहर के लोगों को अपने देश की नागरिकता 2000 के बाद देनी शुरू की. आईसीडी के सदस्य देशों में यहां सबसे ज़्यादा उदारवादी प्रक्रिया है. प्रत्येक क्षेत्र में पेशेवरों की कमी की अगल-अलग सूची बनाई जाती है जिससे एक राष्ट्रीय सूची तैयार होती है. उन क्षेत्रों में काम करने के लिए जो पेशेवर होते हैं उनके लिए काम करने का वीज़ा हासिल करने और रहने की अनुमति लेने की प्रक्रिया और लचीली है. अब देश के कुल रोजगार में दक्ष विदेशी कर्मचारियों की संख्या स्थानीय लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा है. यहां यूरोपियन नागरिकों को काम करने की अनुमति आसानी से मिल जाती है भले ही वे कम दक्ष क्यों ना हों, इसकी वजह ये है कि उन्हें अलग से परमिट लेने की जरूरत नहीं होती.

44,364 अमरीकी डॉलर

ब्राज़ील

ब्राज़ील में अलग अलग कंपनियों की जरूरत के आधार पर अप्रवासी श्रम विभाग से संपर्क साधा जाता है, क्योंकि विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने से पहले कंपनियों को श्रम मंत्रालय से अनुमति लेना होती है. जिन लोगों के पास मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री हो उन्हें अपनी योग्यता का सबूत भी देना होता है. आर्थिक प्रगति के हालिया दौर में में ब्राज़ीली उद्योग जगत में पेशेवरों की कमी महसूस की जा रही है,ख़ासकर इंजीनियरिंग और आईटी सेक्टर में. ऐसे में सरकार के विभागों में इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि जिन क्षेत्रों में पेशेवरों की जरूरत है उसमें अप्रवासी पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए क्यों नहीं ख़ास नीति अपनाई जाए.

9,336 अमरीकी डॉलर

कनाडा

पेशेवरों की मांग के चलते हाल के दिनों में अप्रवासी पेशेवरों की संख्या काफी बढ़ी है. हालांकि अब नीति काफी बदल चुकी है और अब कहीं ज्यादा कुशल पेशेवर लोगों का चयन करने पर जोर दिया जा रहा है. कनाडा की सरकार ने अस्थायी तौर पर 29 क्षेत्र में नए पेशेवरों के आवेदनों को स्वीकार करना बंद कर दिया है. हालांकि विशेष परिस्थिति में आवेदन स्वीकार हो सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आपको नौकरी मिले या फिर आप पीएचडी करने के लिए आवेदन कर रहे हों. इस बात के भी प्रावधान किए गए हैं जिससे इमिग्रेशन प्रक्रिया को गति दी जा सके और लंबित आवेदनों की संख्या को कम किया जा सके.

42,253 अमरीकी डॉलर

चीन ( ह़ांगकांग एसएआर)

2006 में, हांगकांग ने दक्ष पेशेवरों के लिए अंक आधारित व्यवस्था शुरू की थी. ओईसीडी के मुताबिक यहां हर साल 20 हजार से ज़्यादा दक्ष विदेशी पेशेवरों को काम मिलता है. हांगकांग में पेशेवरों की कमी को लेकर कोई आधिकारिक सूची तो नहीं है लेकिन आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक 2018 तक यहां आईटी, स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग क्षेत्र में पेशेवरों की कमी हो सकती है. चीन में तो विदेशी दक्ष पेशेवरों को आकर्षित करे के लिए आधिकारिक तौर पर कोई नीति नहीं है.वर्तमान में, अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों को चीन में काम करने की अनुमति मिलती है. सरकार विदेशों में बसे उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण वाले चीनी लोगों को आकर्षित करने की ओर ध्यान दे रही है.

18,540 अमरीकी डॉलर

चेक गणराज्य

चेक गणराज्य में 2008 के बाद से अप्रवासी पेशेवरों की संख्या घटी है. अप्रवासी पेशेवरों के लिए यहां कार्यक्रम 2003 में लागू किया गया था जो 2010 में समाप्त हो गया.लेकिन ग्रीन कॉर्ड और यूरोपियन ब्लू कॉर्ड को शुरू किया गया ताकि यूरोपियन यूनियन के बाहर के देशों के कुशल पेशेवरों को यहां काम मिल सके. इससे योग्यता रखने वाले विदेशी पेशेवरों के लिए चेक गणतंत्र में काम करना आसान हो गया है, ख़ासकर उन क्षेत्रों में जिसमें चेक और यूरोपियन यूनियन के पेशेवरों की दिलचस्पी नहीं है.

19,630 अमरीकी डॉलर

डेनमार्क

2008 में डेनमार्क ने उन क्षेत्र के पेशेवरों को अपने यहां प्रवेश देने के लिए पॉजिटिव लिस्ट बनाई जिनकी मांग ज़्यादा है. अंक आधारित व्यवस्था के जरिए ग्रीन कॉर्ड देने की व्यवस्था भी की गई जिसके जरिए देश के अंदर कुशल पेशेवर काम तलाश सकते हैं. 2011 में नयी सरकार ने अप्रवासी नीति में सुधार की घोषणा की. स्थायी निवास की पात्रता हासिल करने के लिए चार आधार बनाए गए हैं- कम से कम पांच साल से आप डेनमार्क में रह रहे हों, तीन साल से आपके पास पूर्णकालिक रोजगार हो, वित्तीय रूप से आप समर्थ हों और आपको भाषाई परीक्षा देनी होती है.

45,560 अमरीकी डॉलर

फ़िनलैंड

जनवरी, 2012 में फ़िनलैंड ने अपने यहां यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देश लागू किए जिसके तहत यूरोपियन यूनियन से बाहर के कुशल पेशेवरों को देश के अंदर रहने और काम करने की अनुमति दी जा सकती है. इसके तहत जिन क्षेत्रों में कुशल लोगों की जरूरत हैं, वहां कम से कम एक साल तक काम करने की अनुमति मिलती है. एक औसत आय से ज़्यादा आमदनी पर ब्लू कॉर्ड जरूरी होता है. देश में उन पेशों की सूची बनी हुई है जिनके पेशेवरों की सबसे ज़्यादा और ठीकठाक मांग है.

36,657 अमरीकी डॉलर

फ़्रांस

2011 में फ्रांस ने यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देश को अपने यहां लागू किया और इसके बाद उन पेशों की संख्या 30 से घटाकर 14 कर दी, जिसमें बाहर के पेशेवर यहां काम तलाश सकते हैं. इसके अलावा और भी कठिन प्रावधान लागू किए गए हैं. अब कहीं ज़्यादा उच्च योग्यता वाले लोगों को देश में रहने की इजाजत मिलती है और उन्हें अस्थायी काम करके अनुभव हासिल करना होता है. लेकिन फ्रांस में कुशलता के आधार पर उन पेशों की सूची भी जिनमें अफ्रीकी देशों के कामगारों को रोज़गार दिया जा सकता है. अफ्रीकी देशों की सूची में कोंगो, बेनिन, बुर्कीना फासो और ट्यूनिशिया के नागरिक शामिल हैं. इन देशों के साथ फ्रांस के विशेष करार हैं.

38,128 अमरीकी डॉलर

जर्मनी

जर्मनी में 1973 से ही विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति पर पाबंदी लगी हुई थी ताकि स्थानीय पेशेवरों के हितों की रक्षा हो सके. हालांकि इंजीनियरिंग, आईटी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की कमी को देखते हुए सरकार ने 2012 में यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देशों को लागू किया जिसके मुताबिक यूरोपियन यूनियन से बाहरी देशों के पेशेवरों को यहां करने की अनुमति मिली. प्रशिक्षित कामगार नौकरी की तलाश के लिए भी छह महीने के लिए देश में प्रवेश कर सकते हैं.

40,223 अमरीकी डॉलर

ग्रीस

ग्रीस उन देशों में शामिल है जहां आर्थिक मंदी की मार सबसे ज़्यादा पड़ी है. यहां पर बेरोजगारी दर काफी ज़्यादा है. ओईसीडी के मुताबिक पिछले एक दशक में कम दक्षता वाली नौकरियों के लिए अप्रवासी श्रमिक आते रहे हैं. निम्न और मध्यम दक्षता वाले पेशेवरों की देश के कुछ हिस्सों में अभी भी मांग बनी हुई है. वित्तीय क्षेत्र में उच्च दक्षता वाले पेशेवरों की कमी है. वैसे पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए ग्रीस में कोई विशेष कार्यक्रम नहीं है.

26,995 अमरीकी डॉलर

हंगरी

2008 में अप्रवासी पेशेवरों की संख्या रिकार्ड उंचाई पर पहुंचने के बाद हंगरी पर भी आर्थिक मंदी का असर पड़ा और वहां भी  लंबे समय तक रहने वाले अप्रवासी पेशेवरों की संख्या काफी घटी.लेकिन अब देश में उद्यमियों और उच्च दक्षता वाले पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ख़ासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में. 2011 में हंगरी सरकार ने यूरोपियन यूनियन के बाहर के देशों के नागरिकों के लिए यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देशों को अपने यहां लागू किया. इसके अलावा नये कानून को भी मंजूरी दी जिसके तहत वरिष्ठ प्रबंधकों को उस परीक्षा से मुक्त रखा गया जो स्थानीय श्रम बाजार में प्रवेश के लिए जरूरी है.

19,437 अमरीकी डॉलर

भारत

दुनिया भर में ख़ासकर ओईसीडी देशों में प्रशिक्षित अप्रवासी पेशेवर और छात्र मुहैया कराने वाले देशों में भारत अव्वल है खासकर ओईसीडी देशों में. ऐसे में भारत सरकार ने अब तक अपने इलाके में प्रशिक्षित पेशेवरों, शिक्षा कार्यक्रमों और दक्षता बढ़ाने के कार्यक्रमों पर स्थानीय निवासी पर ही ध्यान रखा है. देश में आधिकारिक तौर पर उन पेशों की कोई सूची नहीं है जिनकी मांग बहुत ज़्यादा है, लेकिन देश में प्रशिक्षित पेशेवरों की लगातार कमी है, ख़ासकर स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्र में.

3,540 अमरीकी डॉलर

आयरलैंड

आयरलैंड में आर्थिक मंदी के असर के बाद अप्रवासी पेशेवरों की संख्या काफी कमी आई है. अप्रवासी, ख़ासकर उच्च और मध्यम दक्षता वाले पेशेवरों पर नौकरी चले जाने का स्थानीय लोगों को मुकाबले कहीं ज़्यादा असर पड़ा है. 2010 से आयरलैंड ने कुशल कामगारों को आकर्षित करने के लिए अपनी अप्रवासी नीति में बदलाव लाया है. देश में अब उन्ही लोगों को काम करने का वीज़ा दिया जा रहा है जिन्हें काफी मोटी तनख्वाह पर नौकरी के ऑफ़र मिले हों और वे उन क्षेत्रों में काम करने के लिए आ रहे हों जिनमें काम करने वालों की काफी कमी हो. ऐसे लोगों को ग्रीन कॉर्ड योजना के तहत देश में काम करने की अनुमति मिलती है.

50,764 अमरीकी डॉलर

लक्ज़मबर्ग

आर्थिक मंदी के दौर में लक्ज़मबर्ग में अप्रवासी लोगों के लिए स्थानीय लोगों के मुकाबले रोजगार के ज़्यादा अवसर पैदा हुए हैं. 2008 के आर्थिक मंदी के समय में ही देश में गैर यूरोपियन यूनियन देशों के नागरिकों के लिए यूरोपियन यूनियन की ब्लू कॉर्ड निर्देश नीति को लागू किया गया. यहां काम करने के लिए पेशेवरों के पास कम से कम डिप्लोमा सहित उच्च शिक्षा हासिल होनी चाहिए या फिर पांच सालों का व्यवसायिक अनुभव होना चाहिए, या फिर एक साल तक काम करने का अनुबंध होना चाहिए या फिर कम से कम 87 हजार अमरीकी डॉलर की सालाना तनख्वाह का ऑफर होना चाहिए. आईटी सेक्टर में सबसे ज़्यादा मांग है.

52,847 अमरीकी डॉलर

न्यूज़ीलैंड

न्यूज़ीलैंड उन देशों में शामिल है जहां पहले पहल अंक आधारित व्यवस्था की शुरुआत हुई और कुशल प्रशिक्षित पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए वह सूची भी तैयार की गई, जिससे यह पता चले कि किन किन क्षेत्रों में पेशेवरों की कमी है. 2010 में नयी अप्रवासी नीति लागू की गई जिसके तहत पेशेवरों को काम करने के लिए पहले अंतरिम वीज़ा दिया जाना शुरू किया गया और उसके बाद स्थायी वीज़ा. इससे प्रायोजित व्यवस्था को मजूबती मिली और कंपनियों में पेशेवरों की मांग भी बढ़ी. इसके अलावा निवेशकों, उद्यमियों और विजिटिंग अकादमी शोधकर्ताओं को भी देश के अंदर काम करने की सुविधा है.

27,396 अमरीकी डॉलर

नॉर्वे

नॉर्वे में 2010 में अप्रवासी लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई. इसकी वजह रही स्वीडन, लिथुआनिया और पोलैंड जैसे देशों से आने वाले लोगों के मुक्त आवाजाही थी. यहां ये प्रावधान किया गया कि हर साल अधिकतम 5,000 प्रशिक्षित अप्रवासी लोगों कों काम मिले. हालांकि कभी इतने लोग यहां नहीं आए. अब सरकार उद्यमियों को अपने यहां आकर्षित करने पर ध्यान दे रही है. 2011 में यहां रिकॉर्ड स्तर पर कुशल अप्रवासियों को प्रवेश की अनुमति दी गई. नॉर्वे में अभी ज़्यादा, औसत और कम मांग वाली 150 पेशों की सूची है.

43,990 अमरीकी डॉलर

पोलैंड

ओईसीडी के मुताबिक पोलैंड में 2010-11 के दौरान विदेशी लोगों के लिए काम करने के लिए दी जाने वाली वीज़ा की संख्या बढ़ाई गई. प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत को देखते हुए सरकार ने पेशेवरों को आकर्षित करने और प्रशिक्षित पेशेवरों की मौजूदगी को बनाए रखने के लिए नई अप्रवासी नीतियां बनाई हैं. काम करने के लिए पांच तरह की अनुमति दिए जाने का प्रावधान है. ख़ास योग्यता वाले पेशेवरों को श्रम बाजार में प्रवेश करने के लिए दी जाने वाली परीक्षा में शामिल होने की जरूरत नहीं है. नियोक्ताओं के लिए ये प्रावधान किया गया है कि वे किसी भी विदेशी को पोलिश नागरिक से कम तनख्वाह नहीं दे सकते.

20,069 अमरीकी डॉलर

पुर्तगाल

पुर्तगाल भी आर्थिक मंदी से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले देशों में शामिल रहा. आर्थिक मंदी के बाद यहां आने वाले लोगों की संख्या में गिरावट तो हुई ही साथ ही यहां से बाहर निकलकर अंगोला और ब्राजील जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई. ओईसीडी के आंकड़ों के मुताबिक हर साल 70 हज़ार लोग यहां से दूसरे जगह जा रहे हैं. इनमें से आधे की उम्र 29 साल से भी कम है. 2010 में पुर्तगाल में काम करने के लिए मिलने वाला वीज़ा सालाना सरकारी कोटे से भी कम हो गया था. 2012 में पुर्तगाल ने गैर यूरोपियन यूनियन देशों के पेशेवरों को उच्च वेतन पर काम करने के ऑफर देने के लिए यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देश लागू किया.

22,742 अमरीकी डॉलर

रूस

रूसी संघ में अप्रवासी लोगों की संख्या बढ़ी है. इसके लिए सरकार की वह नीति जिम्मेदार है जिसके तहत विदेशी पेशेवरों को काम करने की अनुमति दी गई. 2010 में उच्च प्रशिक्षित विशेषज्ञों को काम पर रखे जाने के प्रावधान को सरल बनाया गया. इसमें जो बदलाव किया गया वह था सालाना 68 हजार अमरीकी डॉलर के न्यूनतम वेतन वालों को स्वीकार करना. लेकिन उच्च स्तरीय प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं के लिए ये रकम आधी रखी गई. अप्रवासी लोगों को अपने साथ परिवार को लाने की अनुमति भी दी जाती है.

14,580 अमरीकी डॉलर

सिंगापुर

हाल के सालों में उच्च प्रशिक्षित पेशेवरों के लिए सिंगापुर सबसे आकर्षक देश के तौर पर उभरा है. ऐसे पेशेवरों की मदद के लिए यहां कई नीतियां लागू की गई हैं. यहां जिन क्षेत्र के पेशेवरों की मांग है, उनमें 93 क्षेत्र सूचीबद्ध हैं. सरकार की ओर से ये भी स्वीकार किया गया है कि जून, 2012 तक यहां 1,74,000 उच्च प्रशिक्षित पेशेवर काम करते हैं. सितंबर, 2012 में सरकार ने अप्रवासी कामगारों की परिवार लाने के लिए न्यूनतम ज़रुरी तनख्वाह की सीमा को बढ़ा दिया ताकि अप्रवासी पेशेवर अपने परिवारों को कम साथ रख सकें और वहां की आधारभूत सुविधाओं पर दबाव कम हो सके.

31,392 अमरीकी डॉलर

स्लोवाकिया

2011 में स्लोवाक सरकार ने नई अप्रवासी नीति को मंजूरी दी जिसका उद्देश्य बाजार में पेशेवरों की कमी को देखते हुए उच्च दक्षता वाले विदेशी पेशेवरों को आकर्षित करना था. इसके तहत यूरोपियन ब्लू कॉर्ड की तर्ज पर एक स्लोवाक कॉर्ड बनाया गया. इसके अलावा विदेशों में बस गए कुशल और प्रशिक्षित स्लोवाकियाई नागरिकों को वापस बुलाने के लिए आकर्षक ऑफर और सुविधाओं की घोषणा की गई.स्लोवाकिया में पेशेवरों की कमी संबंधित कोई आधिकारिक सूची तो नहीं है लेकिन सरकार विभिन्न क्षेत्रों के बारे में जानकारी हासिल करते रहते हैं जहां कामगारों की कमी हो सकती है.

19,068 अमरीकी डॉलर

स्लोवानिया

2009 में स्लोवानिया सरकार ने आर्थिक मंदी को देखते हुए यूरोपियन यूनियन के बाहर के देशों के नागरिकों के लिए काम के सालाना परमिट को कम कर दिया. इसका असर ये हुआ कि 2010 में अप्रवासी लोगों की संख्या में 50 फ़ीसदी की गिरावट देखी गई. हाल ही में स्लोवानिया ने कुशल लोगों को आकर्षित करने के लिए कदम उठाए हैं. 2011 में स्लोवानिया में यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देशों को लागू किया. नई अप्रवासी नीति में ये भी प्रावधान है कि समलैंगिक जोड़ीदारों को भी देश के अंदर रहने और काम करने अनुमति है.

32,480 अमरीकी डॉलर

दक्षिण अफ़्रीका

अफ़्रीकी महादेश में दक्षिण अफ़्रीका में सबसे ज़्यादा प्रशिक्षित अप्रवासी लोग रहते हैं. अभी भी वहां कोशिश की जा रही है कि पेशेवरों की संख्या को बढ़ाया जाए. 2002 में, सरकार ने खुली नीति के तहत उच्च दक्षता वाले उन पेशेवरों को नामांकन देना शुरू किया है जो देश में काम करना चाहते हैं. हर साल सरकार एक सूची जारी करती है जिसके मुताबिक दक्षता वाले उन अप्रवासी पेशेवरों को काम करने की अनुमति मिलती है, जिनके पास पांच का कार्यानुभव होता है.

22,056 अमरीकी डॉलर

स्पेन

आर्थिक मंदी ने स्पेन को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है. नौकरियों में भारी संख्या में छंटनी के चलते स्पेन में आने वाले लोगों की संख्या कम हुई है और यहां से बाहर जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. लेबर फोर्स सर्वे के मुताबिक 2011 के मध्य में यहां अप्रवासी लोगों में बेरोजगारी की दर 32 फ़ीसदी तक पहुंच गई. 2011 में स्पेन में यूरोपियन यूनियन ब्लू कॉर्ड निर्देश को लागू किया गया जिसके तहत दक्ष पेशेवरों को काम करने के मौके मिले. लेकिन स्थानीय लोगों को काम मिले इसके लिए अप्रवासी पेशेवरों को रोकने के लिए पाबंदी कायम हैं.

34,387 अमरीकी डॉलर

स्वीडन

यूरोप में पेशेवरों के अप्रवास के लिहाज से देखें तो स्वीडन सबसे उदार देश है. 2008 से यूरोपियन आर्थिक क्षेत्र के बाहर के देशों के पेशेवरों को काम देने की शुरुआत हुई. देश में 80 से ज़्यादा पेशों की सूची बनाई गई है जिनमें काम करने वालों की जरूरत है. इसमें उच्च स्तरीय, मध्यम और निम्नस्तरीय काम शामिल है. अप्रवासी लोगों को स्वीडन के नियोक्ता का ऑफर लेटर होना चाहिए. परिवार वालों को भी देश के अंदर रहने की अनुमति मिल जाती है.

37,734 अमरीकी डॉलर

स्विटज़रलैंड

यूरोप में सबसे ज़्यादा अप्रवासी पेशेवर जिन देशों में काम करते हैं उनमें स्विटजरलैंड एक है जिनमें से अधिक्तर उच्च दक्षता वाले पेशेवर हैं. आर्थिक मंदी के दौर में स्थानीय लोगों में अप्रवासी लोगों के मुकाबले कहीं ज्यादा बेरोजगारी देखने को मिली. स्विटजरलैंड में काम करने आने वाले लोगों में ज़्यादातर यूरोपियन यूनियन के देशों से ही होते हैं. यूरोपियन यूनियन और यूरोपियन आर्थिक क्षेत्र से बाहर के देशों के लिए काम करने का परमिट बेहद मुश्किल से मिलता है. दूसरे देशों से यहां आने वाले पेशेवरों के पास नौकरी का ऑफर होना चाहिए और नियोक्ताओं को भी स्विटजरलैंड और यूरोपियन यूनियन के बाहर के देशों के पेशेवरों को नियुक्ति करने के लिए अतिरिक्त कोशिश करनी होती है.

50,242 अमरीकी डॉलर

ग्रेट ब्रिटेन

2010 के बाद से, ग्रेट ब्रिटेन में अप्रवासी पेशेवरों की व्यवस्था मांग और आपूर्ति पर निर्भर है. 2010 में सरकार ने बाहर से आने वाले लोगों की संख्या कम करने के लिए कदम उठाए. इसमें दक्ष पेशेवर भी शामिल थे, ताकि स्थानीय लोगों का रोजगार नहीं छिन सके. इसके तहत उच्च प्रशिक्षित वर्ग में दो श्रेणियां बनाई गईं और इन दोनों में आने वाले पेशेवरों की संख्या निर्धारित कर दी गई. 2011 में उन क्षेत्रों की संख्या भी कम की गई जिनमें पेशेवरों की जरूरत थी. 2012 में कारोबारी और नियोक्ताओं की मांग पर बाहर से आने वाले लोगों के लिए नियमों में कुछ नरमी बरती गई.

44,743 अमरीकी डॉलर

संयुक्त राज्य अमरीका

ओईसीडी के मुताबिक, 2000 से 2010 के दौरान संयुक्त राज्य अमरीका में एक आदमी के सेवानिवृत होने पर तीन उच्च प्रशिक्षित लोगों को प्रवेश मिलता था. लेकिन आर्थिक मंदी के आने के बाद उन क्षेत्रों में नौकरियों की भारी कटौती हुई जो सबसे ज़्यादा लोगों को काम देते थे. मसलन वित्तीय क्षेत्र. हालांकि संयुक्त राज्य अमरीका में उन पेशों की सूची होती है जिनमें काम करने वाले पेशेवरों की मांग होती है. इसे शिड्यूल ए सूची कहते हैं. इन पेशे से जुड़े पेशेवर ग्रीन कॉर्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन उनके पास नौकरी का ऑफर होना चाहिए.

54,450 अमरीकी डॉलर

(पेशा) (देश)
[profession]: [countryname]
(पेशा) (देश)
(पेशा) (देश)
इन पेशेवरों की मांग है.

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