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भारत-बांग्लादेश सीमा पर ज़िन्दगी

ना कोई नागरिकता, ना कोई हक़ और ना ही किसी देश से जुड़ी पहचान - ये हकीकत है भारत-बांग्लादेश सीमा पर बसे तकरीबन डेढ़ लाख लोगों की.

दर्जनों गांवो में क़ैद ये लोग न भारत जा सकते हैं, न ही बांग्लादेश.

बंटवारे के बाद से ही चल रही इस समस्या का हल निकालने की कोशिश तो भारत और बांगलादेश की सरकारों ने की, लेकिन मामला राजनीति में उलझ कर रह गया.

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