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बीबीसी इंडिया बोल

भारत के विवाह कानून संशोधन विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंज़ूरी मिल गई है. इस संशोधित बिल में तलाक की स्थिति में पत्नी को पति की अचल संपत्ति से मुआवज़ा मिलने का प्रावधान किया गया है जिसकी राशि अदालत तय करेगी. इस के साथ ही बिल में प्रावधान है कि अगर एक पक्ष न चाहे तो भी तलाक संभव हो सकता है. इस बिल को संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा. लेकिन उससे पहले ही इस पर गर्मागरम बहस शुरू हो गई है. बिल के समर्थक पक्ष का मानना है कि इससे महिलाओं को तलाक की स्थिति में काफी मदद मिलेगी. वहीं बिल का विरोधी वर्ग मानता है कि ये पूरी तरह से पुरूषों के खिलाफ है और उनके लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है. बीबीसी इंडिया बोल में बहस इसी विषय पर हुई.