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माउण्ट बेटेन - तो जिन्ना की हैसियत तानाशाह जैसी हो जाएगी?

15 अगस्त 1947 को भारत की आज़ादी से पहले क्या हो रहा था? बीबीसी हिंदी के लिए 1997 में मधुकर उपाध्याय ने 'पचास दिन पहले, पचास साल बाद' नाम से रिपोर्टें बनाई थीं जिसमें सिलसिलेवार ढंग से आज़ादी के पहले की घटनाओं का ज़िक्र था.

इस सीरीज में जानिए 12 जुलाई 1947 की घटनाओं के बारे में.

मोहम्मद अली शाम छह बजे वायसराय हाउस पहुंचे. माउण्ट बेटेन नेअपनी एक स्टॉफ मीटिंग में कहा कि नेहरु अंतरिम सरकार के मसविदे से संतुष्ट हैं, लेकिन पटेल की प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं कही जा सकती है.

पटियाला के महाराजा ने पटेल से अलग से मुलाकात की. माउण्ट बेटेन ने लिस्टुअल को तार भेजकर कहा कि जिन्ना 9वीं अनुसूची के आधार पर अपने लिए गर्वनर जनरल के रुप में विशेषाधिकार चाहते हैं.