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बिना पते की चिट्ठियों की तरह घूमते राजा

  • 13 अगस्त 2013

15 अगस्त 1947 को भारत की आज़ादी से पहले क्या हो रहा था? बीबीसी हिंदी के लिए 1997 में मधुकर उपाध्याय ने 'पचास दिन पहले, पचास साल बाद' नाम से रिपोर्टें बनाई थीं जिसमें सिलसिलेवार ढंग से आज़ादी के पहले की घटनाओं का ज़िक्र था.

इस सीरीज में जानिए 28 जुलाई 1947 की प्रमुख घटनाओं के बारे में.

दिल्ली में संविधान सभा ने भारत के लिए संसदीय प्रणाली का ब्रिटिश मॉडल स्वीकार किया.संविधान सभा की बैठक के बीच मंत्रिमंडल पर विचार के लिए गांधी से बात करने चले गए. माउण्ट माउण्ट बेटेन ने कहा कि जिस आदमी को 18 दिन बाद प्रधानमंत्री बनना है, वह दिल्ली से बाहर कैसे जा सकता है? एक दीवान ने राजाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देखो "वे बिना पते की चिट्ठियों की तरह घूम रहे हैं."