प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

'मुज़फ़्फ़रनगर का सच अभी बाकी है'

  • 17 सितंबर 2013

मुज़फ़्फ़रनगर के कूटबा गांव के रहने वाले 72 साल के अब्दुल अजीज का घर जला दिया गया. परिवार के लोग मार डाले गए.

वे पास के गांव में बने राहत शिविर में रह रहे हैं. वापस अपने गांव क्यों नहीं जा रहे, पूछने पर बताते हैं, 'बस छोड़ दिया, जी!'

तो दूसरे गांव में न मस्जिद जली, न मुस्लिम घर लुटे और जानवरों को भी गांव वालों ने चारा दिया. मगर इसका मतलब ये नहीं कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं हुआ.

गांव के एक बुजर्ग हरबीर सिंह बताते हैं कि इस बार का चुनाव मुस्लिम बनाम हिंदू होगा. यानि मुज़फ़्फ़रनगर के दंगों का सच अभी बाकी है.