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ब्रिस्टल में राजा राममोहन राय की समाधि

आज से दो सौ साल पहले भारत एक दोराहे पर खड़ा था. एक तरफ़ अंग्रेज़ देश को ग़ुलामी में जकड़ रहे थे, दूसरी तरफ़ कुरीतियाँ समाज को पीछे ले जा रही थीं.

ऐसे समय कुछ लोगों ने सोते समाज को जगाने का बीड़ा उठाया. उनमें पहली क़तार में थे राजा राममोहन राय.

लेकिन देश को जगानेवाले इस सेनानी ने ब्रिटेन में आंखें मूँदीं.

उनकी 180वीं पुण्यतिथि पर ब्रिटेन के ब्रिस्टल शहर में उनकी समाधि पर उन्हें याद किया गया.

बीबीसी ग्लोबल इंडिया के लिए ब्रिस्टल से अपूर्व कृष्ण की रिपोर्ट.