प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

'यूपीए के पास मुसलमानों के लिए कुछ करने का वक़्त है'

समाजसेवी संगठन ज़कात फ़ाउंडेशन के प्रमुख और सच्चर कमेटी में ओएसडी रहे सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी ज़फ़र महमूद का कहना है कि यूपीए के पास अभी कुछ महीने हैं मुसलमानों के लिए कुछ काम करने को. उनके अनुसार अगर कांग्रेस कुछ नहीं करती तो दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी.

बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद से एक ख़ास बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं.

इक़बाल अहमद ने उनसे पूछा कि सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों को लागू करने के बाद ज़मीनी स्तर पर उसके प्रभाव की जांच पड़ताल करने वाली तमाम रिपोर्टें यहीं कहती हैं कि मुसलमानों की हालत में कोई ख़ास सुधार नहीं हो रही है, आख़िर इसके क्या कारण हैं?