बीबीसी
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

कॉमेडी का गिरता स्तर

दो दशक पहले जिन बातों पर भारतीय हंसते थे, शायद अब वे मज़ाक बदल गए हैं. इसका सबूत टीवी चैनलों पर वे शो हैं, जो कॉमेडी के नाम पर परोसे जा रहे हैं.

'फ्लाप शो', 'ये जो है जिंदगी' या 'नुक्कड़' किसी और ज़माने की बातें लगती हैं.

आज कॉमेडी शो किसी भी तरह से किसी भी क़ीमत पर टीआरपी की होड़ में आगे रहना चाहते हैं. और इस चक्कर में कॉमेडी पर बहुत व्यक्तिगत, बहुत भद्दी और बहुत फूहड़ होने के आरोप लग रहे हैं. बीबीसी संवाददाता स्वाती बख्शी की विशेष रिपोर्ट