क़तार के आख़िरी...मणिपुर से

इरोम शर्मिला को अब भारत ही नहीं पूरी दुनिया जानती है. मगर पिछले 13 साल से वह नज़रबंद हैं. 13 साल से उन्होंने मतदान नहीं किया है.

मगर वह भी आम आदमी की ज़िंदगी जीना चाहती हैं. वह भी अपना वोट देकर सरकार में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती हैं.

सुनें तस्वीरों के ज़रिए क़ानून, संविधान, चुनाव और निजी ज़िंदगी पर वह क्या सोचती हैं.

(इस ऑडियो स्लाइड शो को केवल डेस्कटॉप पर ही देखा जा सकता है.)