क़तार की आख़िरी..वृंदावन की विधवाएं

भारत की राजधानी दिल्ली से क़रीब डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद वृंदावन को दो वजहों से जाना जाता है. एक, कृष्ण की भूमि होने के कारण बने मंदिरों की वजह से और दूसरे वहां भारत भर से ठुकराई गई महिलाओं के जमावड़े की वजह से, जिनमें से ज़्यादातर विधवाएं हैं. इन्हें देखकर लगता है कि धर्म से ओतप्रोत इस शहर ने इन विधवाओं को अपने यहां जगह तो दे दी है, पर उनकी ज़िम्मेदारी नहीं ली. क़तार की आख़िरी ऐसी ही कुछ विधवाओं के जीवन की आपबीती.