मोदी
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

भारत-पाक के अच्छे दिन?

नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान सहित सार्क देशों के प्रमुखों को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के समारोह के लिए निमंत्रण भेजा है, इसे एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

ये शायद पहली बार है कि ऐसे किसी समारोह में सार्क नेताओं को आमंत्रित किया गया है. जहां दूसरे नेताओं ने भारत आने की हामी भर दी है, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के आने को लेकर स्थिति साफ़ नहीं है. हालांकि माना जा रहा है कि नवाज़ शरीफ़ के भारत आने से भारत-पाकिस्तान संबंधों को फायदा ही पहुंचेगा.

भारत-पाकिस्तान संबंधों में बेहतरी चाहने वाले लोग पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दिनों को ज़रूर याद करते हैं लेकिन कारगिल युद्ध की याद भी कई लोगों के मन में ताज़ा है. ये भी कहा जाता है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार भाजपा शासनकाल में होने की संभावनाएं ज़्यादा हैं.

क्या भाजपा शासनकाल में भारत-पाकिस्तान रिश्तों के अच्छे दिन आएंगे?

कार्यक्रम में हमारे श्रोताओं के अलावा शामिल थे पूर्व राजनयिक विवेक काट्जू और लंदन से हमारे साथ मौजूद थे डॉक्टर इश्तियाक़ अहमद जो कायदे आज़म फ़ेलो हैं सेंट एंटनी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में.