चीनः जो कहते हैं 'मैं शिनजियांग से हूं'

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क़ुरबान जान समत कहते हैं, "मैं चीन के 20 से ज़्यादा शहरों में सैकड़ों लोगों से मिला. उनकी कहानियां मुझे अपना अभियान जारी रखने के लिए प्रेरित करती है."

चीन शिनजियांग में 'वीगर चरमपंथ' का सामना कर रहा है.

इससे निपटने के लिए चीन ने इस क्षेत्र में लोगों पर कुछ पाबंदियां भी लगाई गई हैं.

चीन के शिनजियांग में क्यों भड़क रही है हिंसा?

क़ुरबान जान बतौर फ़ोटोग्राफ़र लोगों के मन में शिनजियांग की नई छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

वो एक अभियान चला रहे हैं जिसका नाम है, "मैं शिनजियांग से हूं."

पहली तस्वीर फ़रहत अलिमजान की है. वो अपने बारे में बताते हैं, "मैं शिनजियांग के वीगर से हूं. मैंने कम्यूनिकेशन यूनिवर्सिटी चाइना से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. मैं एक रॉक बैंड से जुड़ा हूं और गिटार बजाता हूं."

पढ़िए शिनजियांग के लोग की कहानी

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यह तस्वीर एलिक अब्दुर्रहीम की है. वो कहते हैं, "मैंने 1982 के दौरान उरुम्क़ी में रेस्तरां खोला. उस समय चीन सुधारों के दौर से गुजर रहा था." वो चाहते हैं कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और वे यहां की परंपरा और संस्कृति से जुड़े रहें.

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35 वर्षीय नफ़ीसा नेमत चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ़ पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ में स्नातक की पढ़ाई की है. डेढ़ साल के एक बेटे की माँ नफ़ीसा कहती हैं, "इस साल मैंने अमरीका के इमोरी विश्वविद्यालय से मास्टर्स की पढ़ाई शुरू की है. मेरा सपना पीपुल्स कांग्रेस की सदस्य बनना है और मैं जातीय अल्पसंख्यक महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ना चाहती हूं."

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35 वर्षीय झांग झिकियांग शिनजियांग के रहने वाले हैं. उनका ताल्लुक यहां की हान आबादी से है. वे शेनझेन में मोबाइल फ़ोन की दुकान चलाते हैं. झांग कहते हैं, "कज़ाकिस्तान में कारोबार करने के दौरान मैं मुस्लिम हो गया. मैं अब पांचों वक़्त की नमाज़ पढ़ता हूँ. मेरा सपना इस साल शादी के लिए एक मुस्लिम लड़की तलाश करना है."

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बेइरता और बेइन पति-पत्नी हैं. 30 वर्षीय बेइरता चीन में तिब्बत के पहले बैंड के लिए गिटार बजाते थे और उनकी पत्नी एक गायिका हैं. पारंपरिक मंगोल शादियों में हिस्सा लेने वाले बेइरता कहते हैं, "हम इस साल अपना बैंड स्थापित करना चाहते हैं."

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मेमेडिक दिलकर का सपना चीन के मिंज़ू विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने के बाद एक अच्छी नौकरी पाना है. 24 वर्षीय मेमेडिक शिनिजियांग के ताशकुरगान कस्बे के रहने वाले हैं.

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30 वर्षीय तिलिवाल्दी सिदिक स्थानीय स्कूल में बच्चों को चीनी भाषा पढ़ाते हैं. वे चीन के एक विश्वविद्यालय से वीगर भाषा में मास्टर्स की पढ़ाई रहे हैं.

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शिनजियांग के रहने वाले शाकत रिपिक कहते हैं कि ऐसा डॉक्टर खोजना मुश्किल है जो वीगर भाषा बोलता हो. वर्तमान में चीन के सैन्य अस्पताल में डॉक्टर के रूप में काम करने वाले रिपिक कहते हैं कि जब शिनजियांग के लोगों को कोई परेशानी होती है तो वो मेरे पास आते हैं.

बीबीसी ने क़ुरबान जान के साथ एक विषय पर तस्वीरें खींचने के दौरान पाया कि एक कंपनी में उनको शिनजियांग के पहचान पत्र के कारण प्रवेश करने से रोक दिया गया.

वो कहते हैं, "कुछ साल पहले मैं ऐसी घटना पर अपना आपा खो देता, लेकिन अब नहीं क्योंकि मुझे पता है कि गुस्सा करने से कोई बदलाव नहीं आता."

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