सोशल मीडिया के हरकारा बनिए, इनाम पाइए.

सोशल मीडिया के जरिए कंपनी का प्रचार

क्या आप अपनी कंपनी के कहने पर फ़ेसबुक या ट्विटर जैसी सोशल मीडिया साइटों पर लिंक शेयर करते हैं, या कंपनी के उत्पादों का प्रचार करते हैं?

क्या आप अपने मालिक के लिए सोशल मीडिया दूत बनने की चाह रखते हैं?

फिनलैंड की एक कंपनी ऐसा ही चाहती है. इसके लिए उन्होंने 'स्मार्पशेयर' नाम से मंच बनाया है.

'स्मार्पशेयर' उन कर्मचारियों को इनाम देता है जो कंपनी के बारे में अच्छी-अच्छी बातें पोस्ट करते हैं.

फिनलैंड के उद्यमी ने इसके लिए ऐसा सिस्टम बनाया है जिसे वे कंपनी का 'हिमायती कर्मचारी' पुकारते हैं.

बीबीसी के डगल शॉ ने मंच के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपी हीनिला से बात की.

रुपी हीनिला बताते हैं कि डिजिटल ग्राहकों के लिए कर्मचारियों की सहभागिता बेहद मायने रखती है.

प्रचार-प्रसार

मंच के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपी हीनिला के मुताबिक यह अवधारणा नई नहीं है.

इससे पहले भी कमर्चारी अपनी कंपनी की कई जानकारियों और उत्पादों को दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच साझा करते थें.

आज फर्क केवल इतना है कि पहले ये जानकारियां दो-चार लोगों तक पहुंचती थी और अब सोशल मीडिया की मदद से सैंकड़ों लोगों तक पहुंच रही हैं.

कंपनी भी इच्छुक कर्मचारियों को कंपनी से जुड़ी वे सामग्रियां मुहैया करती हैं जिसका वे जोर-शोर से प्रचार-प्रसार करना चाहती हैं.

इस मायने में जोए एंडरसन एक आदर्श कर्मचारी हैं. वे अपनी कंपनी के लेटेस्ट प्रोडक्ट को दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ साझा करते हैं.

विभाजन रेखा

Image caption 'स्मार्पशेयर' उन कर्मचारियों को इनाम देता है जो कंपनी के बारे में अच्छी-अच्छी बातें पोस्ट करते हैं.

आमतौर पर कर्मचारियों का ये रुख रहता है कि अपनी सोशल लाइफ और बिजनेस लाइफ के बीच एक विभाजन रेखा रहे.

लेकिन कई सोशल साइट्स ऐसी हैं जो आपके काम और निजी जीवन के बीच सुरक्षा दीवार बनाए रखती हैं.

उदाहरण के लिए, लिंकेडिन पर यूजर्स अपने परिवार या दोस्तों की बातें और तस्वीरें शेयर करने की जगह अपने पेशे, काबलियत, अनुभवों से जुड़े मुद्दों के बारे में बात करते हैं.

बेशक कंपनी की खूबियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का काम स्वैच्छिक है. क्योंकि कर्मचारी खुद तय करता है कि वो इसमें शामिल होना चाहता है या नहीं.

लेकिन एक बात तो तय है कि सोशल मीडिया दूत का काम कंपनी और कर्मचारी दोनों के लिहाज से फायदेमंद है.

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