शम्सुर्रहमान फ़ारुख़ी
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शम्सुर्रहमान फ़ारुख़ी से ख़ास बातचीत!

शम्सुर्रहमान फ़ारुख़ी उर्दू के मशहूर लेखक, आलोचक और उपन्यासकार हैं.

हिंदी के पाठक फ़ारुख़ी साहब को उनके बहुचर्चित उपन्यास ‘कई चाँद थे सरे आसमाँ’ की वजह से जानते हैं, लेकिन उनकी ख्याति यहीं तक सीमित नहीं है.

फ़ारुख़ी साहब ने वली दक्कनी और मीर तक़ी मीर से लेकर ज़ौक़ और मिर्ज़ा ग़ालिब सहित उर्दू के तमाम

पिछले दिनों दिल्ली में हुए जश्न-ए-रेख़्ता में उन्होंने उर्दू ग़ज़ल के सफ़र पर गंभीर बातचीत की. शम्सुर्रहमान फ़ारुख़ी से मुलाक़ात की हमारे साथी राजेश जोशी ने.