भूरी बाई
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लोक जीवन को दिखाती पिथौरा चित्रकला

मध्यप्रेदश की भील आदिवासी महिला भूरी देवी ने पिथौरा चित्रकला को एक नई पहचान दी.

भूरी देवी अपने गांव में दीवारों पर चित्र बनाती थीं लेकिन रोज़ी रोटी के लिए भोपाल आ गईं और काम तलाश करते करते उनकी मुलाक़ात स्वामीनाथन से हो गई जो ऐसे कलाकारों की खोज में थे.

इसके बाद तो भूरी देवी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

इस भील आदिवासी कलाकार पर प्रीति मान की रिपोर्ट.