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'क्राइम के लिए उम्र नहीं, सज़ा के लिए उम्र देखते हैं'

दिल्ली में चलती बस में एक छात्रा के साथ 16 दिसंबर 2012 को हुई हिंसक गैंगरेप की घटना को तीन साल हो रहे हैं.

बीबीसी हिंदी से बातचीत में ‘निर्भया’ की मां आशा देवी ने कहा है कि उनकी बेटी को सच्ची श्रद्धांजली तभी मिलेगी जब मुजरिमों को फांसी लग जाएगी.

'निर्भया' की मां आशा देवी ने कहा कि “क्राइम के लिए उम्र नहीं, सज़ा के लिए उम्र देखते हैं.”

पूरी बातचीत आप बीबीसी हिंदी के यूट्यूब चैनल पर मंगलवार को देख सकते हैं.