श्याम भाटिया यासिर अराफ़ात
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गोलियों के बीच रिपोर्टिंग

युद्ध संवाददाताओं को अपने पेशे में काम कर रहे दूसरे पत्रकारों से कहीं ज़्यादा ख़तरों और जोखिम से दो चार होना पड़ता है.

श्याम भाटिया उन भाग्यशाली पत्रकारों में एक हैं जिन्होंने दुनिया के सबसे ख़तरनाक इलाक़ों से रिपोर्टिंग की है.

हाल ही में उनकी एक किताब प्रकाशित हुई है 'बुलेट्स एंड बाइलाइंस' जिसमें उन्होंने पत्रकारिता के अपने दिनों के ख़तरनाक और रोमांचक अनुभव साझा किए हैं.

श्याम भाटिया मशहूर पत्रकार प्रेम भाटिया के बेटे हैं और काहिरा, बेरूत, दमिश्क और येरुशलम में ब्रिटिश अख़बार 'द ऑब्ज़र्वर' के संवाददाता रह चुके हैं.

विवेचना में रेहान फ़ज़ल नज़र दौड़ा रहे हैं श्याम भाटिया की इस बहुचर्चित किताब पर.