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कितनी बदली है महिलाओं की स्थिति?

आठ मार्च को हर साल महिला दिवस मनाया जाता है.

कई रस्मों- रिवाजों वाले समाज में क्या आज़ादी के लगभग 70 साल बाद भी महिलाएँ वाक़ई आज़ाद महसूस करती हैं?

क्या महिलाओं के असल सशक्तिकरण के लिए पुरानी रूढ़ियों-परंपराओं को टूटना ज़रूरी है? इसी मुद्दे पर हुई इंडिया बोल में बहस.

कार्यक्रम में शामिल हुईं इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी की जेंडर एंड डेवलपमेंट स्टडीज़ की प्रोफ़ेसर सविता सिंह.