पाँच और ब्रितानी सैनिक मारे गए

ब्रितानी सैनिक
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में इराक़ से ज़्यादा ब्रितानी सैनिक मारे गए

अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों के ताज़ा हमले में ब्रिटेन के पाँच सैनिक मारे गए हैं.

इसके साथ ही पिछले चौबीस घंटों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में मरने वाले ब्रितानी सैनिकों की संख्या बढ़ कर आठ हो गई है.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अफ़ग़ानिस्तान में अब तक मारे गए सैनिकों की संख्या 184 हो गई है. यह आँकड़ा इराक़ में मारे गए ब्रितानी सैनिकों से अधिक है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि इन गर्मियों में अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटिश सैनिकों को भारी चुनौती पेश आने वाली है.

फिलहाल दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय सेना अभियान चला रही है जिसमें ब्रिटेन के सैनिक भी शामिल हैं.

ब्राउन ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद ब्रिटेन चरमपंथ को परास्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए हर संभवक प्रयास करेगा.

भीषण संघर्ष

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी सैनिक तालेबान के साथ जिस तरह के भीषण संघर्ष में शामिल है वैसा 1950 से 1953 के बीच कोरियाई युद्ध के बाद पहली बार देखा जा रहा है.

Image caption मृतकों की संख्या बढ़ने से ब्रिटेन में चिंता जताई जा रही है

फिलहाल ब्रितानी फौज का दस फ़ीसदी हिस्सा अफ़ग़ानिस्तान में तैनात है.

इससे पहले हेलमंद प्रांत में तीन ब्रितानी सैनिकों की मौत हुई थी. ताज़ा हमले उस समय हुए जब ब्रितानी सैनिक हेलमंद के ही सांगीन इलाक़े में गश्त लगा रहे थे.

ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरून ने कहा है, "इतने सैनिकों की मौत की ख़बर से पूरा देश स्तब्ध है. सरकार को अफ़ग़ान रणनीति स्पष्ट करनी चाहिए."

उन्होंने सैनिकों को हेलमंद में हेलिकॉप्टर समेत अन्य ज़रूरी साज़ो सामान मुहैया कराने की माँग की.

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