इटली में किशोर छलका नहीं पाएँगे जाम

शराब
Image caption शराब पीने का चलन इटली की संस्कृति का हिस्सा माना जाता है.

इटली के मिलान शहर में किशोर वर्ग को शराब की लत से बचाने के लिए 16 साल से कम उम्र के लड़के लड़कियों के शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

इस क़ानून के तहत जहां उन शराब विक्रेताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों को शराब बेचते हैं, वहीं शराब पी रहे बच्चों के मातापिता को भी दंडित किया जाएगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस नए क़ानून से लोग हैरान हैं, क्योंकि शराब पीने का चलन इटली की संस्कृति का हिस्सा है. कई सदियों से शराब से इटली का सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है. भोजन के साथ ही नहीं बल्कि हर ख़ुशी के मौक़े पर शराब पीना पिलाना, शैंपेन खोलना, ये कुछ ऐसे रिवाज हैं, जो इटली के लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बने हुए हैं.

चलन पर रोक

मिलान शहर के अधिकारियों ने 11 साल के बच्चों तक में बढ़ते शराब के चलन पर रोक लगाने के लिए ये क़दम उठाए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि 11 साल के आयुवर्ग के बच्चों की संख्या का तीसरा हिस्सा शराबख़ोरी की वजह से बीमारियों और कई अन्य समस्याओं का शिकार बन चुका है.

नए क़ानून के मुताबिक़ अब बच्चों को रेस्तराँ, पीज़ा हट जैसी खाने-पीने की जगहों या शराब की दुकानों से शराब नहीं मिल पाएगी और जो शराब विक्रेता इस क़ानून का उल्लंघन करेंगे, उन्हें भारी जुर्माना अदा करना पड़ेगा.

शराब पीने वाले बच्चों के मातापिता पर भी दबाव है लेकिन इटली में लोग इसे कितनी संजीदगी से लेंगे, अभी कहना मुश्किल है.

इटली की संस्कृति अधिकतर यूरोपीय देशों की ही तरह ऐसी खुली रही है जिसमें शराब पर पाबंदी जैसी बात कोई सोच भी नहीं सकता. वैसे भी पार्टियों में या ख़ुशी के मौक़ों पर मातापिता ही बच्चों को थोड़ी सी शराब दे देते हैं.

इटली का तो इतिहास भी गवाह है कि माता पिता अपने बच्चों को प्रदूषित पानी की जगह शराब देना पसंद करते थे.

लेकिन अधिकारियों के मुताबिक़ इटली के बदलते सामाजिक परिवेश की मांग यही है कि बच्चों को शराबख़ोरी से जुड़ी समस्याओं से बचाने के लिए शराब के बढ़ते चलन पर रोक लगाई जाए.

संबंधित समाचार