सितंबर तक तैयार होगा स्वाइन फ़्लू का टीका

स्वाइन फ्लू से पिछले दिनों भारत में पहली मौत हुई
Image caption स्वाइन फ्लू से पिछले दिनों भारत में पहली मौत हुई

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की है कि सितंबर से स्वाइन फ़्लू का टीका आम लोगों को उपलब्ध हो सकेगा.

कई दवा निर्माता कंपनियों ने एच1एन1 टीका तैयार किया है और कई देशों में परीक्षण चल रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिसर्च विभाग के प्रमुख डॉक्टर मेरी पॉल किने ने लोगों की इन आशंकाओं का समाधान करने की कोशिश की है कि टीका पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ये टीके पूरी तरह से सुरक्षित और आज़माई हुई तकनीक के आधार पर बनाए गए हैं. इससे पहले अमरीका में 1976 में स्नायुतंत्र की समस्या से पीड़ित लगभग पाँच सौ लोगों को स्वाइन फ़्लू का टीका रिएक्ट कर गया था लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यह तीन दशक पुरानी बात है, अब ऐसा कुछ नहीं होगा. दुनिया भर के अनेक देशों से लगातार ख़बरें आ रही हैं कि स्वाइन फ़्लू के संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं. अमरीका और यूरोप में दवा उद्योग का नियमन करने वाली संस्थाएँ भी चाहती हैं कि जल्द से जल्द स्वाइन फ़्लू के टीके को मंज़ूरी दे दी जाए.

परीक्षण जारी

चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमरीका, ब्रिटेन और जर्मनी में इस दवा का परीक्षण इस समय चल रहा है. इस बार टीका 'सेल कल्चर' के ज़रिए विकसित किया जा रहा है जो अधिक समय नहीं लेता, पुरानी विधि से जो टीका बनाया जाता था उसमें काफ़ी समय लगता था. ब्रिटेन में बैक्स्टर और ग्लैक्सो स्मिथकेलाइन को फ्लू का टीका बनाने का ठेका दिया गया है, इस महीने दो कंपनियाँ परीक्षण शुरू करने जा रही हैं. इस परीक्षण का मूल उद्देश्य ये पता लगाना है कि लोगों को टीके की एक डोज़ देने की ज़रूरत या दो. भारत और चीन जैसे देशों में बड़ी चिंता ये है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए किस तरह टीके की व्यवस्था की जा सकेगी.

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