ओबामा के प्रत्याशी को मंज़ूरी

Image caption सोनिया सोटोमाओर अमरीकी सुप्रीम कोर्ट की तीसरी महिला जज हैं

अमरीकी सीनेट ने सुप्रीम कोर्ट के लिए बराक ओबामा की ओर से नामांकित सोनिया सोटोमाओर के नाम को मंज़ूरी दे दी है.

55 वर्षीया सोनिया सोटोमाओर अमरीका की पहली हिस्पैनिक और तीसरी महिला जज होंगी.

मेक्सिको, क्यूबा, दक्षिण या मध्य अमरीका, पुर्तो रिको और स्पेन की संस्कृति से जुड़े अन्य देशों से आकर अमरीका बसे लोगों को हिस्पैनिक वर्ग में रखा जाता है.

सीनेट ने सोनिया सोटोमाओर के पक्ष में 68 वोट डाले तो विपक्ष में 31. अमरीका में सुप्रीम कोर्ट के जज को राष्ट्रपति नामांकित करता है पर उन्हें सीनेट की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी होता है.

'ऐतिहासिक दिन'

एक बार जज बनने के बाद वे आजीवन काम करते हैं. अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीनेट की वोट को ऐतिहासिक बताया है.

उन्होंने कहा, "सीनेट ने इस बात की पुष्टि की है कि जस्टिस सोटोमाओर के पास वो बुद्धिमता, वो नज़रिया, वो सत्यनिष्ठा है जो सुप्रीम कोर्ट में काम करने के लिए ज़रूरी है. ये उनके लिए और अमरीका के लिए बेहद अच्छा दिन है."

ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी के पास सीनेट में बहुमत है इसलिए माना जा रहा है था उन्होंने जिस व्यक्ति का नामांकन किया है वो जीत ही जाएँगी.

मतदान से पहले ही रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने भी कहा दिया था कि वे सोनिया सोटोमाओर का समर्थन करेंगे.

उनके माता-पिता पुर्तो रिको से हैं. कुछ रिपब्लिकन सदस्यों ने संदेह जताया था कि कुछ पुराने भाषणों और फ़ैसलों से ऐसा लगता है कि सोनिया सोटोमाओर के व्यक्तिगत विचार उनके फ़ैसलों पर असर डाल सकते हैं.

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