बुर्क़े पर प्रतिबंध के हक़ में मंत्री

फ़देला अमारा
Image caption फ़देला बुरक़े को महिला दमन का द्योतक मानती हैं

फ़्रांस की एक मुस्लिम महिला मंत्री फ़देला अमारा ने कहा है, फ़्रांस में बुर्क़ा पहनने पर प्रतिबंध से अतिवादी इस्लाम जैसे 'कैंसर' को रोकने में मदद मिलेगी.

मुस्लिम महिला मंत्री ने कहा, "बुर्क़ा एक पहनावा नहीं बल्कि किसी धर्म के राजनीतिक दुरुपयोग का प्रतीक है"

फ़देला अमारा ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स अख़बार को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि बुर्क़ा पहनना 'महिलाओं के दमन' का सूचक है. साथ ही उन्होंने कहा, "मैं अपने देश में बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने की पक्षधर हूँ."

इसके पहले राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी ने कहा था, "फ़्रांस में बुर्क़ा पहनना स्वीकार्य नहीं है. क्योंकि बुर्क़ा पहनने वाली एक क़ैदी के समान है, जो एक सामान्य सामाजिक ज़िंदगी से वंचित रहती हैं और अपनी पहचान की मोहताज होती हैं."

फ़्रांस की महिला मुस्लिम मंत्री का ये बयान ऐसे वक़्त आया है, जब बुर्क़े पर प्रतिबंध के मुद्दे पर फ़्रांस की संसद ने एक 32 सदस्यीय आयोग का गठन किया है.

प्रतिबंध

इसके पहले 2004 में फ़्रांस ने सरकारी स्कूलों और दफ़्तरों में हिजाब और अन्य धार्मिक चिन्हों के पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था. फ़्रांस में मुस्लिम आबादी अन्य सभी यूरोपीय देशों की अपेक्षा ज़्यादा है.

फ़देला अमारा ने कहा, "बुर्क़ा महिलाओं को बंधक की तरह बना देता है और फ़्रांस के मौलिक सिद्धांतों में से एक महिला-पुरुष के बीच समानता की अवहेलना करता है. बुर्क़ा एक पहनावा ही नहीं बल्कि एक धर्म के राजनीतिक दुरुपयोग का प्रतीक है."

उन्होंने यह भी कहा कि फ़्रांस में बुर्क़े पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए, हालांकि इसे लागू करना मुश्किल हो सकता है.

फ़्रांसीसी मंत्री ने कहा कि बुर्क़े पर प्रतिबंध से महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और वह अपने धर्म के अतिवादी तत्त्वों को जवाब देने की हिम्मत जुटा पाएंगी और अधिकांश मुस्लिम महिलाएँ यही चाहती हैं.

संबंधित समाचार