उत्तर कोरिया ने दिए नए संकेत

उत्तर कोरिया ने संकेत दिए हैं कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमरीका के साथ सीधी बातचीत करना चाहता है.

Image caption बिल क्लिंटन ने दो पत्रकारों की रिहाई के लिए उत्तर कोरिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी

ये संकेत अमरीका के न्यू मैक्सिको के गवर्नर बिल रिचर्डसन के साथ हुई मुलाक़ात में उत्तर कोरिया के कुछ प्रतिनिधियों ने दिए हैं.

बिल रिचर्डसन का कहना है कि उन्होंने महसूस किया है कि बिल क्लिंटन की प्योंगयांग यात्रा के बाद से तनाव कुछ कम हुआ है.

लेकिन उनका कहना है कि उत्तर कोरिया अभी भी बहुपक्षीय बातचीत में शामिल नहीं होना चाहता.

उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद जब सुरक्षा परिषद ने उस पर प्रतिबंध लागू कर दिए थे तो अमरीका, रूस, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ चल रही बातचीत से उसने ख़ुद को अलग कर लिया था.

पुराना तरीक़ा

यह उत्तर कोरिया का पुराना तरीक़ा रहा है कि पहले युद्ध की स्थिति पैदा करो, सैन्य ताक़त दिखाओ और फिर कूटनीतिक रास्ते पर लौट आओ और अपने लिए ज़्यादा रियायतों की मांग करो.

यह भी उत्तर कोरिया की पुरानी मांग है कि पड़ोसी देशों के साथ साझा बातचीत की जगह अमरीका से द्विपक्षीय बातचीत हो.

अमरीका इसका विरोध करता रहा है.

लेकिन उत्तर कोरिया को अब लगता है कि हाल ही में किए गए परमाणु परीक्षण और मिसाइल परीक्षणों के दबाव में शायद ओबामा प्रशासन द्विपक्षीय बातचीत के लिए मान जाएगा.

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में किए गए परमाणु परीक्षण के बाद अमरीका ने उत्तर कोरिया को कुछ रियायतें दी थीं.

तब अमरीका ने कहा था कि वह छह देशों की वार्ता के अलावा उत्तर कोरिया से सीधी बातचीत करता रहेगा और उसके परमाणु संयंत्रों को बंद करने के बदले आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाएगा.

बिल रिचर्डसन का कहना है कि अब अगला क़दम राष्ट्रपति बराक ओबामा को उठाना है.

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