'प्रदर्शनकारी विदेशी एजेंट नहीं थे'

आयतुल्ला ख़ामनेई
Image caption समझा जा रहा है कि ख़ामनेई ने अपने समर्थकों को समझौते के संकेत दिए हैं

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़ामनेई ने कहा है कि वे नहीं मानते कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद प्रदर्शन करने वाले विपक्षी नेता जानबूझकर अमरीका और ब्रिटेन जैसे देशों के एजेंट के रुप में काम कर रहे थे.

आयतुल्ला ख़ामनेई का यह बयान उन कट्टरपंथियों के लिए जवाब है जो आरोप लगाते रहे हैं कि प्रदर्शनकारी विपक्षी नेता विदेशी एजेंट हैं.

जून में हुए राष्ट्रपति चुनाव में अहमदीनेजाद के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने ईरान की सड़कों पर भारी प्रदर्शन किया था.

विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस प्रदर्शन में कई लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया था और उन पर मुक़दमा चलाया जा रहा है.

उन प्रदर्शनों के इतने दिनों बाद भी वहाँ तनाव बना हुआ है.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि आयतुल्ला ख़ामनेई के बयान से लग रहा है कि वे तनाव कम करना चाहते हैं.

आरोप

Image caption अहमदीनेजाद ने अपने मंत्रिमंडल का गठन भी कर लिया है

कट्टरपंथी पूर्व राष्ट्रपति अकबर रफ़संजानी सहित विपक्ष के शीर्ष नेताओं की गिरफ़्तारी की मांग करते रहे हैं.

उनका आरोप है कि वे कथित 'वेलवेट रिवोल्युशन' का हिस्सा रहे हैं जिसे ईरान के दुश्मन देश संचालित करते हैं. इन देशों में अमरीका और ब्रिटेन आदि का नाम लिया जाता है.

अब आयतुल्ला ख़ामनेई ने अपने समर्थकों को शांत करने की कोशिश की है.

कहा जा रहा है कि कई सुधारवादी नेताओं और पत्रकारों ने मुक़दमों की सुनवाई के दौरान कथित रुप से स्वीकार किया है कि ईरान में अनिश्चितता का माहौल बनाने के लिए विदेशी ताक़तें काम कर रही हैं.

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