'अफग़ानिस्तान में सैनिक बढ़ सकते हैं'

ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन
Image caption गॉर्डन ब्राउन ने शनिवार को अचानक अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत का दौरा किया.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अफ़ग़ानिस्तान में हालात को देखते हुए वहाँ और ब्रितानी सैनिक भेजे जाने के ज़ोरदार संकेत दिए हैं.

गॉर्डन ब्राउन ने शनिवार को अचानक अफ़ग़ानिस्तान का दौरा किया और हेलमंद प्रांत के हालात का जायज़ा लेने के बाद यह घोषणा की है.

हेलमंद प्रांत से बातचीत में गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि वह अफ़ग़ान सैनिकों और पुलिस की प्रशिक्षण प्रक्रिया तेज़ करना चाहते हैं क्योंकि अफ़ग़ान सैनिकों और पुलिस को इस प्रशिक्षण की सख़्त ज़रूरत है.

उन्होंने सड़कों पर अक्सर होने वाले देसी बम हमलों से भी ब्रिटिश सैनिकों की सुरक्षा और बढ़ाने का भी आहवान किया.

अफ़ग़ानिस्तान में फिलहाल ब्रिटेन के लगभग नौ हज़ार सैनिक तैनात हैं जिनमें से ज़्यादातर हेलमंद प्रांत में हैं.

वर्ष 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर विदेश सेनाओं के हमला होने से अब तक ब्रिटेन के 207 सैनिक मारे जा चुके हैं.

वर्ष 2009 में गॉर्डन ब्राउन की यह चौथी अफ़ग़ान यात्रा है. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान सैनिकों और पुलिस को प्रशिक्षण तेज़ करने से वे जल्दी अपनी ज़िम्मेदारी ख़ुद उठाने के योग्य बन सकेंगे.

गॉर्डन ब्राउन ने कहा, “मेरा ख़याल है कि अगले एक वर्ष में हम लगभग पचास हज़ार अतिरिक्त अफ़ग़ान सैन्यकर्मियों प्रशिक्षित कर सकेंगे. इन अफ़ग़ान सैन्य कर्मियों को ब्रिटिश सेनाओं का सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा.”

गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि सैनिकों को मोर्चे पर अनेक नए उपकरण भेजे जा रहे हैं जिनमें ज़्यादा संख्या में बख़्तरबंद गाड़ियाँ भी शामिल हैं.

उन्होंने कहा, “ये नए सैन्य उपकरण हमारे सैनिकों को बेहतर संरक्षण मुहैया कराएंगे और साथ ही हमारे सैनिकों की सक्रियता ज़्यादा बढ़ जाएगी क्योंकि इनके सहारे वे ज़्यादा मुस्तैदी से काम कर सकेंगे.”

अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त के आरंभ में हुए राष्ट्रपति चुनाव के लिए सुरक्षा स्थिति मज़बूत करने में ब्रितानी सैनिकों का ज़्यादा योगदान रहा है.

भारी क़ीमत

अप्रैल 2009 में हेलमंद प्रांत का दौरा करते हुए गॉर्डन ब्राउन ने कहा था कि वे चाहते हैं कि अफ़ग़ान सेना की संख्या वर्ष 2011 तक 75 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख 35 हज़ार हो जोनी चाहिए, इसके अलावा हज़ारों पुलिसकर्मी भी प्रशिक्षित होकर ड्यूटी के लिए तैयार रहें.

Image caption अफ़ग़ानिस्तान में भारी सुरक्षा प्रबंधों के बीच अगस्त में राष्ट्रपति पद का चुनाव हुआ है.

अब उन्होंने कहा है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को वह एक साल पहले पूरा कर देना चाहते हैं.

बीबीसी के राजनीतिक मामलों के डीपुटी संपादक जेम्स लैन्डेल भी प्रधानमंत्री के इस अचानक दौरे में उनके साथ थे. जेम्स लैन्डेल का कहना है कि गॉर्डन ब्राउन पर अक्सर आरोप लगते हैं उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सैनिकों की सुरक्षा के लिए समुचित उपाय नहीं किए हैं.

इस वर्ष की गर्मियाँ अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सैनिकों के लिए सबसे ज़्यादा रक्तरंजित रही हैं क्योंकि इस वर्ष ख़ासी बड़ी संख्या में ब्रितानी सैनिक मारे गए हैं. यह विवाद भी उठा था कि ब्रितानी सैनिकों के पास समुचित संख्या में हैलीकॉप्टर नहीं हैं.

ऐसे हालात में ब्रितानी प्रधानमंत्री अपने सैनिकों को हरसंभव तरीके से अपना समर्थन दिखाना चाहते हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार गॉर्डन ब्राउन अफ़ग़ानिस्तन पर हुए हमले में ब्रितानी सैनिकों की भागीदारी को भी जायज़ ठहराना चाहते हैं और उनका कहना है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया जाता तो वह ब्रिटेन की सड़कों तक भी पहुँच सकता था.

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