दलाई लामा विवादास्पद ताइवान यात्रा पर

दलाई लामा
Image caption दलाई लामा की ताइवान यात्रा का चीन ने विरोध किया है

तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा समुद्री तूफान मोराकोट के पीड़ितों को सांत्वना देने के लिए ताइवान पहुंच गए हैं.

पिछले 50 वर्षों में आए अब तक के सबसे भयंकर समुद्री तूफान मोराकोट के पीड़ितों से मिलने के लिए दलाई लामा ताइवान के विपक्षी दलों के निमंत्रण पर वहाँ पहुंचे हैं.

इस तूफान में कम से कम 571 लोग मारे गए और 106 लापता हुए, जिनके बारे में आशंका हैं कि वे भी मारे जा चुके हैं.

चीन ने दलाई लामा की इस यात्रा का कड़ा विरोध किया है. चीन दलाई लामा को एक अलगाववादी नेता मानता है जो तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए मुहिम चला रहे हैं.

पिछले सप्ताह चीन ने दलाई लामा की ताइवान यात्रा का अनुमति दिए जाने का कड़ा विरोध किया था.

चीन का विरोध

चीन सरकार के लिए तिब्बत और ताइवान बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं क्योंकि वो इन क्षेत्रों को अपनी भूमि मानती है.

उधर चीन से दोस्ती बढ़ाने के इच्छुक ताइवान के राष्ट्रपति मायिंग जियू ने पिछली बार दलाई लामा को ताइवान यात्रा की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन इस बार विपक्षी दलों के अनुरोध को स्वीकार करके उन्होंने दलाई लामा को इस यात्रा की अनुमति दे दी है.

समझा जाता है कि मोरकोट तूफान से निपटने में हुई कोताही के आरोपों से सरकार की छवि ख़राब होने के कारण वे विपक्ष को नाराज़ करने की स्थिति में नहीं थे.

दलाई लामा सोमवार को दक्षिणी ताइवान के उस गांव हसियोलिन का दौरा करेंगे, जो मोराकोट तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था. इस गांव मे चट्टानों के नीचे दबकर लगभग 500 लोग मारे गए थे.

दलाई लामा हिसयोलिन गांव मे तूफान पीड़ितों और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक विशाल प्रार्थना सभा को संबोधित करेंगे.

चीन समर्थक गुटों के उनकी इस यात्रा पर उठाए जा रहे एतराज़ को देखते हुए दलाई लामा ने अपना एक पत्रकार सम्मेलन स्थगित कर दिया.

इससे पहले ताइवान की सत्ताधारी कुओमिंतांग पार्टी के अध्यक्ष ने भी कहा था कि दलाई लामा इस मौक़े पर किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाज़ी से बचें.

ताइवान यात्रा की अनुमति देने के बावजूद राष्ट्रपति मायिंग ज्यू ने भी दलाई लामा से न मिलने का फ़ैसला किया है.

दलाई लामा ने कहा है कि उनकी यात्रा का आधार राजनीतिक नहीं है, बल्कि मानवीय और धार्मिक है.

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