सत्तारूढ़ पार्टी की 'करारी हार'

Image caption डीपीजे नेता हातोयामा ने सरकारी नीतियों में भारी फ़ेरबदल का वायदा किया है

मतदान बाद के सर्वेक्षणों के अनुसार जापान में पाँच दशकों से सत्तारूढ़ पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी(एलडीपी) को विपक्ष डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ जापान(डीपीजे) के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है.

रविवार को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद एनएचके टेलीविज़न ने एक्ज़िट पोल के परिणाम प्रसारित किए, जिसमें डीपीजे को कुल 480 में से 300 से ज़्यादा सीटें मिलने की संभावना बताई गई है.

यदि ऐसा हुआ तो रूढ़ीवादी पार्टी एलडीपी का पाँच दशकों के लगभग अटूट शासन का दौर समाप्त हो जाएगा. उल्लेखनीय है कि जापान में एलडीपी 11 महीने छोड़ कर 1955 से लगातार सत्ता में है.

औपचारिक परिणाम सोमवार सुबह तक आने की संभावना है.

एलडीपी को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान को एक आर्थिक ताक़त बनाने का श्रेय जाता है, लेकिन पिछले पाँच दशकों के दौरान कई बार महीनों तक जापानी अर्थव्यवस्था विकास की पटरी से उतरी रही. इन दिनों तो आर्थिक हालत कुछ ज़्यादा ही ख़राब है.

जापान में इस समय बेरोज़गारी दर रिकॉर्ड स्तर पर है, और अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से निकलने के लिए जूझ रही है. ज़ाहिर है मतदान पर इनका असर पड़ा है.

एक ही पार्टी के शासन से उकताए मतदाता

Image caption मतों की गिनती सोमवार सुबह तक पूरी हो पाएगी

एक्ज़िट पोल के अनुसार इस बार के चुनाव परिणाम 2005 के चुनावों के बिल्कुल विपरीत आने वाले हैं.

पिछली बार के चुनाव में एलडीपी को 303 सीटें मिली थीं, जबकि डीपीजे को मात्र 112 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था.

आम जापानी मतदाता आर्थिक परेशानियों के चलते ग़ुस्से में तो हैं ही, वे अपने ऊपर चार साल में चार प्रधानमंत्री थोपे जाने से भी ख़फ़ा हैं. शायद इसी लिए तूफ़ानी बारिश और स्वाइन फ़्लू के भय के बाद भी भारी संख्या में मतदाता वोट डालने बाहर निकले.

डीपीजे एक मज़बूत सरकार देने की स्थिति में है क्योंकि संसद के ऊपरी सदन में पहले से ही उसका बहुमत है.

मध्यमार्गी पार्टी डीपीजे के नेता युकितो हातोयामा ने वायदा किया है कि उनकी सरकार का ज़ोर बड़ी कंपनियों का साथ देने पर नहीं, बल्कि आम जापानी की सहायता करने पर होगा.

उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से चल रही लगभग एक जैसी नीतियों को बदल डालने का इरादा व्यक्त किया है. उन्होंने नौकरशाही का आकार छोटा करने का भी वायदा किया है.

हातोयामा ब्रिजस्टोन टायर कंपनी के संस्थापक के धनी पौत्र हैं. उनके परिवार का एक सदस्य 1950 के दशक में जापान का प्रधानमंत्री रह चुका है, लेकिन एलडीपी पार्टी के नेता के तौर पर.

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