द्वितीय विश्व युद्ध की 70वीं बरसी

1939 में जर्मनी ने पोलैंड पर हमला किया था

द्वितीय विश्व युद्ध शुरु होने की 70वीं बरसी के मौके पर पोलैंड में विशेष समारोह आयोजित किया गया है.

पहला आयोजन सुबह डांसक शहर के पास वेस्टपलेट में हुआ. स्थानीय समयानुसार सुबह चार बजकर 45 मिनट पर पोलैंड के प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति और युद्ध में हिस्सा लेने वाले सैकड़ों लोगों ने समारोह में हिस्सा लिया.

सुबह चार बजकर 45 मिनट वो समय था जब 1939 में जर्मनी की सेना ने पोलैंड के एक किले पर पहला हमला बोला था. इसी समय पोलैंड पर तीनों दिशाओं से जर्मनी ने हमला किया था.

इन हमलों के दो दिन बाद ब्रिटेन और फ़्रांस ने जर्मनी के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा कर दी थी.

रूस-पोलैंड रिश्ते

रूस और जर्मनी समेत 20 देशों के नेता भी पोलैंड में आयोजन में हिस्सा लेंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन यहाँ भाषण भी देंगे.

इस समय पोलैंड के रूस के साथ रिश्ते जर्मनी के साथ रिश्तों से भी ज़्यादा उलझे हुए हैं. इसका एक कारण है कि दोनों देश युद्ध के शुरुआती समय की घटनाओं को अलग-अलग ऐतिहासिक नज़रिए से देखते हैं.

1939 में पोलैंड पर जर्मनी के हमले के दो हफ़्ते बाद ही रूस की रेड आर्मी ने पूर्वी पोलैंड पर हमला कर उसपे क़ब्ज़ा कर लिया. ऐसा गुप्त नात्ज़ी-सोवियत समझौते के तहत हुआ.

1940 में सोवियत ख़ुफ़िया एजेंसी ने कटिन के जंगलों में 20 हज़ार पोलिश अफ़सरों की हत्या कर दी थी. 50 सालों तक रूस इसके लिए नात्ज़ियों को ज़िम्मेदार ठहराता रहा और 1990 में जाकर इसकी ज़िम्मेदारी ली.

रूसी अदालतों का कहना है कि कटिन के जंगलों में जो हुआ उसे युद्ध अपराध नहीं कहा जा सकता.

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