ब्राउन ने अफ़ग़ान नीति को सही बताया

प्रधानमंत्री ब्राउन
Image caption ब्राउन पिछले हफ़्ते ही अफ़ग़ानिस्तान में तैनात ब्रितानी सैनिकों से मिल कर आए हैं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सैनिकों की तैनाती को सही ठहराते हुए कहा है कि अल-क़ायदा को वहाँ आतंकवादी हमलों की योजनाओं पर काम करने नहीं दिया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "सुरक्षित अफ़ग़ानिस्तान का मतलब है सुरक्षित ब्रिटेन."

लंदन में अंतरराष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान में अपने भाषण में शुक्रवार को ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमावर्ती इलाक़ों को आतंकवादी साज़िशों का केंद्र क़रार दिया.

उन्होंने कहा, "हमारी सुरक्षा सेवाओं के महानिदेशक ने बताया है कि ब्रिटेन में आतंकवादी साज़िशों में से तीन तिहाई के तार यहाँ के पहाड़ी इलाक़ों से जुड़े होते हैं. इस समय मुख्य ख़तरा इस सीमा के पाकिस्तानी इलाक़े से जुड़ा है, लेकिन यदि अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी जीतते हैं तो वैसी स्थिति में अल-क़ायदा और अन्य आतंकवादी संगठन एक बार फिर इसका उपयोग ब्रिटेन और शेष विश्व पर हमले की योजना के लिए कर सकते हैं."

ब्राउन का बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ महीनों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सेना को अफ़ग़ानिस्तान में अभूतपूर्व नुक़सान उठाना पड़ा है. पिछले चार महीनों के दौरान दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में चरमपंथी हमलों में 50 ब्रितानी सैनिकों ने जान गंवाए हैं, जबकि 64 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

प्रशिक्षण पर ज़ोर

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी वे मृत सैनिक के परिवार के लिए शोक संदेश भेज रहे होते हैं तो उनके मन में एक ही सवाल होता है कि क्या ये क़ुर्बानी जायज़ है? उन्होंने आगे कहा, "हर बार जवाब 'हाँ' ही होता है."

ब्राउन ने ये भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की सेना और पुलिस देश में सुरक्षा मुहैय्या कराने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने कहा कि जैसी ही अफ़ग़ानिस्तान का अपना सुरक्षा तंत्र बन कर तैयार हो जाएगा, ब्रितानी सैनिक वहाँ से वापसी कर सकेंगे.

ब्राउन ने कहा कि इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए ब्रिटेन अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण के कार्य में सहयोग बढ़ाएगा.

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