इराक़ में ट्रक के ज़रिए भीषण बम विस्फोट,

मूसल के एक गाँव में भीषण बम विस्फोट
Image caption मूसल के इलाक़ों में अरबों और कुर्दों के बीच भी तनाव देखा जाता है

इराक़ी पुलिस ने कहा है कि उत्तरी शहर मूसल के एक गाँव में एक ट्रक में भरे विस्फोटकों के ज़रिए धमाका किया गया है जिसमें कम से कम 19 लोग मारे गए.

उत्तरी कुर्द शहर मूसल से लगभग 30 किलोमीटर पूर्व में स्थित वार्देक गाँव में किए गए इस हमले में लगभग 30 लोग घायल भी हुए हैं जिनमें अनेक महिलाएँ और बच्चे भी हैं.

इस भीषण हमले में अनेक घर भी तबाह हो गए हैं और पुलिस ने मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई है क्योंकि मलबे में कुछ लोगों के दबे होने का अंदेशा है.

पुलिस का कहना है कि हमले में एक दूसरा ट्रक भी शामिल था लेकिन उसमें भरी विस्फोटक सामग्री में विस्फोट नहीं हो सका अन्यथा नुक़सान कहीं और बड़ा होता.

पुलिस के अनुसार जब ट्रक वार्देक गाँव के छोर पर था तो स्थानीय पैशमर्गा मिलिशिया ने ट्रक पर गोलियाँ चलाईं जिसमें उसका चालक मारा गया.

यह विस्फोट स्थानीय समय के अनुसार बुधवार और गुरूवार की मध्य रात्रि हुआ.

पिछले महीने इसी तरह का एक भीषण बम विस्फोट एक अन्य गाँव में हुआ था जिसमें 95 लोगों की मौत हुई थी.

मूसल इराक़ का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और अमरीकी सेना की मौजूदगी बढ़ाए जाने के बाद वहाँ हिंसक गतिविधियाँ होती ही रही हैं.

अमरीकी और इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि अनबार प्रांत से निकाले जाने के बाद अल क़ायदा के सदस्य मोसूल के आसपास संगठित हो रहे हैं और वे जातीत तनाव और हिंसा भड़काना चाहते हैं.

मूसल में कुर्दों और अरबों के बीच भी सांप्रदायिक हिंसा होती रहती है. इसके अलावा धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी जब-तब निशाना बनाया जाता है.

वर्ष 2008 के अंत में संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी ने रिपोर्ट दी थी कि लगभग 13 हज़ार ईसाइयों को हिंसा और डरा-धमकाकर मोसूल से निकाल दिया गया था.

अमरीकी, इराक़ी और कुर्द अधिकारी मूसल क्षेत्र में सुरक्षा और चाक-चौबंद करने की योजनाओं पर विचार कर रहे हैं.

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